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Saharanpur News: मुख्यमंत्री का अचानक दौरा, गहरे संकेत, 2027 पर नजर
Wed, 01 Jul 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:12 AM IST
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सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुधवार को प्रस्तावित दौरा प्रशासनिक कार्यक्रम से कहीं अधिक राजनीतिक संदेश देता नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इस दौरे की कोई पूर्व घोषणा नहीं थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्यक्रम तय होने के बाद कुछ ही घंटों में तैयारियां शुरू कर दी गईं। अचानक तय हुए इस दौरे ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है, जिससे 2027 के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से गहरा संकेत देने की चर्चा है।
मुख्यमंत्री यहां स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करेंगे, जनसभा को संबोधित करेंगे और करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नजर कार्यक्रम स्थल और उसके संदेश पर टिकी है। सभा स्थल नगर विधानसभा क्षेत्र में है, जबकि इसके ठीक सामने देहात विधानसभा क्षेत्र शुरू हो जाता है। भाजपा इसे दोनों विधानसभा क्षेत्रों तक एक साथ राजनीतिक संदेश पहुंचाने के अवसर के रूप में देख रही है। देहात विधानसभा वर्तमान में समाजवादी पार्टी के कब्जे में है। ऐसे में मुख्यमंत्री की जनसभा को भाजपा के लिए इस क्षेत्र में राजनीतिक माहौल बनाने की शुरुआत माना जा रहा है। संयोग यह भी है कि जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होना है, उनमें से अधिकांश इसी क्षेत्र से जुड़ी हैं। इससे विकास और चुनावी रणनीति को एक साथ साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री इससे पहले भी कई बार सहारनपुर आ चुके हैं। पिछले जनवरी माह से अब तक का यह उनका जिले में छठा दौरा होगा। हाल ही में देवबंद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया था। ऐसे में सहारनपुर का यह दौरा भी उसी चुनावी रणनीति की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
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इसलिए अहम है सहारनपुर जिला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सहारनपुर की अहम भूमिका रही है। जाट, गुर्जर, मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों के समीकरण इस जिले को चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं। यही वजह है कि भाजपा संगठन भी मुख्यमंत्री के लगातार दौरों को संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारी से जोड़कर देख रहा है। अचानक तय हुआ दौरा, कार्यक्रम स्थल का चयन और लगातार बढ़ती मुख्यमंत्री की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि भाजपा ने सहारनपुर को 2027 की चुनावी रणनीति में प्रमुख स्थान दे दिया है।
कब-कब आए मुख्यमंत्री
- 21 जनवरी को जड़ौदा जट्ट में राज्यमंत्री बृजेश सिंह के आवास पर
- 14 मार्च को शाकंभरी सिद्धपीठ पर चल रहे विकास परियोजनाओं की समीक्षा
- 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह
- 7 मई को देवबंद में जनसभा और परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
- 31 मई को शाकंभरी सिद्धपीठ पर बाढ़ आपदा का जायजा लेने के लिए
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मुख्यमंत्री यहां स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करेंगे, जनसभा को संबोधित करेंगे और करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नजर कार्यक्रम स्थल और उसके संदेश पर टिकी है। सभा स्थल नगर विधानसभा क्षेत्र में है, जबकि इसके ठीक सामने देहात विधानसभा क्षेत्र शुरू हो जाता है। भाजपा इसे दोनों विधानसभा क्षेत्रों तक एक साथ राजनीतिक संदेश पहुंचाने के अवसर के रूप में देख रही है। देहात विधानसभा वर्तमान में समाजवादी पार्टी के कब्जे में है। ऐसे में मुख्यमंत्री की जनसभा को भाजपा के लिए इस क्षेत्र में राजनीतिक माहौल बनाने की शुरुआत माना जा रहा है। संयोग यह भी है कि जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होना है, उनमें से अधिकांश इसी क्षेत्र से जुड़ी हैं। इससे विकास और चुनावी रणनीति को एक साथ साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।
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मुख्यमंत्री इससे पहले भी कई बार सहारनपुर आ चुके हैं। पिछले जनवरी माह से अब तक का यह उनका जिले में छठा दौरा होगा। हाल ही में देवबंद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया था। ऐसे में सहारनपुर का यह दौरा भी उसी चुनावी रणनीति की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
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इसलिए अहम है सहारनपुर जिला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सहारनपुर की अहम भूमिका रही है। जाट, गुर्जर, मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों के समीकरण इस जिले को चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं। यही वजह है कि भाजपा संगठन भी मुख्यमंत्री के लगातार दौरों को संगठनात्मक मजबूती और चुनावी तैयारी से जोड़कर देख रहा है। अचानक तय हुआ दौरा, कार्यक्रम स्थल का चयन और लगातार बढ़ती मुख्यमंत्री की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि भाजपा ने सहारनपुर को 2027 की चुनावी रणनीति में प्रमुख स्थान दे दिया है।
कब-कब आए मुख्यमंत्री
- 21 जनवरी को जड़ौदा जट्ट में राज्यमंत्री बृजेश सिंह के आवास पर
- 14 मार्च को शाकंभरी सिद्धपीठ पर चल रहे विकास परियोजनाओं की समीक्षा
- 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह
- 7 मई को देवबंद में जनसभा और परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
- 31 मई को शाकंभरी सिद्धपीठ पर बाढ़ आपदा का जायजा लेने के लिए