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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Challenges of trust in front of new officials, know how

नए अधिकारियों के सामने भी भरोसे की चुनौती, जानिए कैसे

Fri, 26 May 2017 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 26 May 2017 12:34 AM IST
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Challenges of trust in front of new officials, know how
सहारनपुर पहुंचे नए डीएम और एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में जिले में नए अधिकारियों ने कार्यभार संभाल लिया है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर पहुंच चुके हैं। सभी अधिकारियों के सामने जिला नया है और ऐसे में अधिकारियों के सामने लोगों का भरोसा बनाने की चुनौती रहेगी। मंडलायुक्त और डीआईजी भी नए आ रहे हैं।
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जिले में दो बार बवाल के बाद आला अधिकारियों को हटाया गया है। 20 अप्रैल को सड़क दूधली में बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा के विरोध में हुए सांप्रदायिक बवाल के तुरंत बाद जिलाधिकारी शफक्कत कमाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार को हटा दिया गया था और एनपी सिंह को जिलाधिकारी तथा एससी दुबे को एसएसपी बनाया गया।
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दो नए अधिकारियों को जिले की कमान सौंप दी गई। लेकिन दोनों ही अधिकारी लोगों में विश्वास कायम नहीं कर पाए।  घटना के 15 दिन बाद ही शब्बीरपुर में 5 मई को घटना हो गई।
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उस घटना को पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया और प्रतिकार में 9 मई को भीम आर्मी ने पूरी मनमानी की तथा जिले के 9 स्थानों पर बवाल किया। इन घटनाओं के बाद भी अधिकारी जिले की स्थिति को पढ़ पाने में नाकाम रहे। पूर्व मुख्यमंत्री आईं तो दौरे के लिए थीं, लेकिन सभा कर दी।

  पुलिस ने गांव में एकत्रित हो रही भीड़ को रोकने का प्रयास नहीं किया। ऐसे में पहले गांव में हमला हुआ और फिर वहां से लौट रही भीड़ पर हमला हो गया। एक की जान चली गई। जिसे पूरी तरह पुलिस और प्रशासन की नाकामी माना गया।

शासन ने तुरंत ही डीएम एनपी सिंह और एसएसपी एससी दुबे हो हटा दिया। माना जा रहा है कि न तो दोनों अधिकारी स्थिति को भांप सके और न ही लोगों में विश्वास ही पैदा कर पाए। जिसके चलते दोनों का ही निलंबन कर दिया गया।

यही नहीं शासन ने मंडलायुक्त को भी हटा दिया और स्थानांतरित होने के बावजूद 31 तक रोके गए डीआईजी जेके शाही को भी तुरंत ही स्टेशन छोड़ने के आदेश दे दिए गए।

 बुधवार की रात में ही डीएम पीके पांडे और एसएसपी बबलू कुमार को इस भरोसे के साथ भेजा गया है कि जिले की स्थिति को सामान्य कर लोगों में विश्वास कायम करेंगे। दोनों अधिकारी नए हैं और मंडलायुक्त तथा डीआईजी भी नए ही आ रहे हैं।


सभी नए अधिकारियों के सामने दोनों समुदायों के लोगों में भरोसा कायम रखने की चुनौती रहेगी। लोगों में बढ़ रहे अविश्वास को खत्म कर विश्वास पैदा करना है। माहौल को सुधारने की बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है। दोनों ही अधिकारी दावा कर रहे हैं कि स्थिति को जल्दी ही संभाल लिया जाएगा। जिले में अब ऐसी घटना न होने देने का प्रयास किया जाएगा।
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