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चड्ढा ग्रुप के कर्मियों को बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:57 PM IST
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चड्ढा ग्रुप की चीनी मिल कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के अंबेहटा में चेतावनी के बावजूद भी बिड़वी मिल की मशीन के पार्ट्स को खुर्दबुर्द करने का प्रयास कर रहे चड्ढा ग्रुप के कर्मचारियों को शनिवार को किसानों ने बंधक बना लिया और मिल प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ने किसानों को समझाबुझा कर शांत किया, जिसके बाद मिल के लोग रिहा हो सके। दो दिन पूर्व भी चड्ढा ग्रुप के कर्मचारियों ने मिल में लगी मशीनरी के पार्ट्स को खोलकर बेचने का प्रयास किया था परंतु किसानों के विरोध के कारण वे लोग अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके थे।
किसानों ने दोबारा ऐसा होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। शनिवार को भी चड्ढा ग्रुप के कुछ कर्मचारी मिल पहुंच गए और मशीनरी के पार्ट्स खोलने लगे। इसकी सूचना पर बड़ी संख्या में किसान मिल परिसर में जमा हो गए।
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किसानों ने मिल कर्मचारी मदन सिंह, जगदीश और लोकेंद्र को बंधक बना लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों को बंधक बनाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
एसडीएम सदर राम विलास यादव, सीओ नकुड़ वीसी गौतम, कोतवाल दीपक चतुर्वेदी, फंदपुरी चौकी प्रभारी इंद्रपाल तुरंत मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।
काफी देर तक चली वार्ता के बाद एसडीएम सदर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मिल की मशीनरी को खुर्द-बुर्द नहीं किया जाएगा तथा मिल चलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। इसके बाद किसान शांत हो गए तथा मिल कर्मचारियों को मुक्त कर दिया।
इस दौरान गौरक्षा और किसान हित समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत उर्फ बिट्टू नंबरदार, अमर सिंह प्रधान, अजय प्रधान, बिजेंद्र कुमार, अनूप सिंह, सुधीर कुमार, राजेश कुमार, कुलदीप टोली, विनय कुमार, वेदपाल, राजीव सिंह, मेहताब, सुभाष, सुलेख, बृजेश, संजय आर्य, जनेश्वर प्रसाद, विक्रम सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ने किसानों को समझाबुझा कर शांत किया, जिसके बाद मिल के लोग रिहा हो सके। दो दिन पूर्व भी चड्ढा ग्रुप के कर्मचारियों ने मिल में लगी मशीनरी के पार्ट्स को खोलकर बेचने का प्रयास किया था परंतु किसानों के विरोध के कारण वे लोग अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके थे।
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किसानों ने दोबारा ऐसा होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। शनिवार को भी चड्ढा ग्रुप के कुछ कर्मचारी मिल पहुंच गए और मशीनरी के पार्ट्स खोलने लगे। इसकी सूचना पर बड़ी संख्या में किसान मिल परिसर में जमा हो गए।
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किसानों ने मिल कर्मचारी मदन सिंह, जगदीश और लोकेंद्र को बंधक बना लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों को बंधक बनाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
एसडीएम सदर राम विलास यादव, सीओ नकुड़ वीसी गौतम, कोतवाल दीपक चतुर्वेदी, फंदपुरी चौकी प्रभारी इंद्रपाल तुरंत मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।
काफी देर तक चली वार्ता के बाद एसडीएम सदर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मिल की मशीनरी को खुर्द-बुर्द नहीं किया जाएगा तथा मिल चलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। इसके बाद किसान शांत हो गए तथा मिल कर्मचारियों को मुक्त कर दिया।
इस दौरान गौरक्षा और किसान हित समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत उर्फ बिट्टू नंबरदार, अमर सिंह प्रधान, अजय प्रधान, बिजेंद्र कुमार, अनूप सिंह, सुधीर कुमार, राजेश कुमार, कुलदीप टोली, विनय कुमार, वेदपाल, राजीव सिंह, मेहताब, सुभाष, सुलेख, बृजेश, संजय आर्य, जनेश्वर प्रसाद, विक्रम सिंह आदि किसान मौजूद रहे।