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महारानी होटल की फर्जी वसीयत बनाने का आरोप, पांच पर रिपोर्ट

Tue, 13 Apr 2021 12:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 12:10 AM IST
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Case filed for making a will of the hotel
सहारनपुर। शहर के प्रमुख होटल महारानी की संपत्ति के स्वामित्व को लेकर परिवार में चल रहा विवाद सुर्खियों में है। एक पक्ष से संयम कक्कड़ ने अपने ताऊ की दो बेटियों सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर फर्जी वसीयत तैयार करने का आरोप लगाया है । मामले में कोर्ट के आदेश पर सदर बाजार थाने में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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विवेक विहार शास्त्रीनगर निवासी संयम कक्कड़ ने अपने ताऊ की बेटियां रीतू पत्नी सुशील डंग निवासी आम लाम्बा कोआपरेटिव सोसाइटी एमएचवी कॉलोनी चूना भट्ठी मुंबई और श्वेेता पत्नी सचिन निवासी आरडीसी नया राजनगर गाजियाबाद के अलावा शिखा सतपाल पत्नी विभु सतपाल निवासी द पिंक क्ले डीएलएफ फेस 5 कलोरिया गुरुग्राम, बद्री प्रसाद पुत्र जयचंद निवासी आवास विकास सहारनपुर और विजय मिश्रा पुत्र प्रभुजी मिश्रा निवासी होटल महारानी को नामजद किया है।
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संयम कक्कड़ का कहना है कि उनके पिता अशोक कुमार और चाचा राजकुमार ने दिसंबर 2002 को चंद्रकांता पत्नी स्वर्गीय मूलराज सिंह से जमीन खरीदी थी। इस पर होटल मूलराज सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड था। जमीन का बैनामा सितंबर 2012 को हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था। इस संपत्ति की लीज डीड सितंबर 1983 को 30 वर्षों के लिए मैसर्स मूलराज सिंह एंड संस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के नाम थी। इस कंपनी में दूसरा पक्ष डायरेक्टर थे। इसका नाम महारानी होटल कर दिया गया था। इसके बाद जून 2017 में संयम ने आरोपियों को नोटिस भेजा और कहा कि उसके पिता व चाचा की संपत्ति से अपना निर्माण हटा लें। दूसरे पक्ष ने जनवरी 2020 को न्यायालय सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां मुकदमा डाला और उसमें संपत्ति पर अपना स्वामित्व बताते हुए उसके पिता अशोक कुमार के नाम से 2008 की वसीयत बतौर प्रमाण दाखिल की। आरोप है कि उक्त वसीयत पर उसके पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए, क्योंकि उन हस्ताक्षर का अन्य किसी भी प्रपत्रों से मिलान नहीं हुआ।
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संयम का कहना है कि उन्होंने फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ तहरीर दी परंतु पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके चलते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 156(3) के तहत प्रार्थनापत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर सोमवार को ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वहीं, सीओ द्वितीय दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
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