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70 हजार के पार पहुंचा सुझावों का आंकड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 23 Nov 2015 12:27 AM IST
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर को मिले 77 हजार सुझावों के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। रविवार को अवकाश के बावजूद निगम की टीम ने स्मार्ट सिटी कार्यालय खोलकर सुझाव प्राप्त किए। नागरिकों में भी जोश देखने को मिला। यही वजह रही कि एक ही दिन में नागरिकों ने चार हजार से अधिक सुझाव दर्ज कराए। रविवार की शाम तक कुल प्राप्त सुझावों का आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंच गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए अब केवल सात हजार सुझाव और चाहिएं, जिन्हें प्राप्त करने के लिए आठ दिन बचे हैं।
केंद्र सरकार ने अपनी योजना स्मार्ट सिटी में शहरों को जनता की सहमति और सुझावों के आधार पर विकसित करने का नियम बनाया है। प्रत्येक शहर को जनता से ऑनलाइन या लिखित सुझाव लेने का लक्ष्य दिया गया है। सहारनपुर को कम से कम 77 हजार सुझाव प्राप्त करने का लक्ष्य मिला था, जिसके लिए नगरायुक्त अपनी टीम के साथ दो महीने से अधिक समय से जद्दोजहद कर रहे हैं। कुछ दिन पहले तक सुुझाव आने की गति काफी धीमी थी। साथ ही सुझाव प्राप्त करने के लिए अंतिम तिथि 15 नवंबर दी गई थी।
अंतिम तिथि नजदीक आने तक मुश्किल से 35 हजार सुझाव ही निगम को प्राप्त हुए थे। ऐसे में निगम की टीम में हड़बड़ी मची, जिसके बाद टीम ने रात 12 बजे तक कार्यालय खोलकर लोगों के सुझाव लिए। 13 नवंबर के बाद से टीम लगातार सुझाव प्राप्त करने में गंभीरता के साथ जुटी है।
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यही वजह है कि रविवार को अवकाश में भी स्मार्ट सिटी कार्यालय को खोला जा रहा है। शनिवार तक प्राप्त ऑनालाइन सुझावों की संख्या 31 हजार थी, जो रविवार की शाम तक 35 हजार 120 तक पहुंच गई। यानी रविवार के अवकाश में लोगों ने चार हजार सुझाव दिए। ऑनलाइन सुझावों के अलावा 35 हजार सुझाव लिखित में भी प्राप्त हुए हैं। यानी कुल मिलाकर प्राप्त सुझावों की आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंच गया है। निर्धारित 77 हजार सुझावों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब केवल सात हजार सुझाव चाहिए, जिनके लिए आठ दिन निगम के पास हैं। यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि सुझाव जितने अधिक होंगे नंबर उसी हिसाब से मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने कुल सौ नंबरों में से 15 नंबर सुझावों के रखे हैं। देश के चयनित 98 शहरों में इंदौर और भोपाल करीब दो-दो लाख सुझावों के साथ टॉप पर चल रहे हैं। जो भी शहर सुझावों के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उनके नंबर कट जाएंगे। ऐसे में नगर की जनता को चाहिए कि वह बाकी आठ दिनों में यानी 30 नवंबर तक अधिक से अधिक संख्या में सुझाव देकर सहारनपुर को पहले चरण में विकसित किए जाने वाले शहरों में शामिल कराने में अपना योगदान दें।
युवाओं से की सुझाव देने की अपील
सहारनपुर को पहले चरण में विकसित होने वाले शहरों में शामिल कराने के लिए नेशनल यूथ सोशल सोसायटी ने भी अपने स्तर से प्रयास शुरू किए हैं। सोसायटी पदाधिकारियों ने रविवार को मिशन कंपाउंड में कैंप लगाकर युवाओं को अधिक से अधिक सुझाव देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम संयोजक संकल्प नैब ने कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। ऐसे में युवा स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव अवश दें। इस दौरान रामजी सुनेजा, शैली साहनी, लीना गांधी, अंजू, सक्षम मनचंदा, प्रशांत गुप्ता, अमित शर्मा, ध्रुव अरोड़ा, संचित मनचंदा, शिवांग, शुभम बजाज, रजत, अभिषेक, आयुष, लक्की, शाह आलम, कपिल, कुशाग्र, शौर्य, शुभमपाल, शिवम आदि थे।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जन सहभागिता जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह आठ दिन में अधिक से अधिक ऑनलाइन सुझाव दे।
- डॉ. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त।
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केंद्र सरकार ने अपनी योजना स्मार्ट सिटी में शहरों को जनता की सहमति और सुझावों के आधार पर विकसित करने का नियम बनाया है। प्रत्येक शहर को जनता से ऑनलाइन या लिखित सुझाव लेने का लक्ष्य दिया गया है। सहारनपुर को कम से कम 77 हजार सुझाव प्राप्त करने का लक्ष्य मिला था, जिसके लिए नगरायुक्त अपनी टीम के साथ दो महीने से अधिक समय से जद्दोजहद कर रहे हैं। कुछ दिन पहले तक सुुझाव आने की गति काफी धीमी थी। साथ ही सुझाव प्राप्त करने के लिए अंतिम तिथि 15 नवंबर दी गई थी।
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अंतिम तिथि नजदीक आने तक मुश्किल से 35 हजार सुझाव ही निगम को प्राप्त हुए थे। ऐसे में निगम की टीम में हड़बड़ी मची, जिसके बाद टीम ने रात 12 बजे तक कार्यालय खोलकर लोगों के सुझाव लिए। 13 नवंबर के बाद से टीम लगातार सुझाव प्राप्त करने में गंभीरता के साथ जुटी है।
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यही वजह है कि रविवार को अवकाश में भी स्मार्ट सिटी कार्यालय को खोला जा रहा है। शनिवार तक प्राप्त ऑनालाइन सुझावों की संख्या 31 हजार थी, जो रविवार की शाम तक 35 हजार 120 तक पहुंच गई। यानी रविवार के अवकाश में लोगों ने चार हजार सुझाव दिए। ऑनलाइन सुझावों के अलावा 35 हजार सुझाव लिखित में भी प्राप्त हुए हैं। यानी कुल मिलाकर प्राप्त सुझावों की आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंच गया है। निर्धारित 77 हजार सुझावों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब केवल सात हजार सुझाव चाहिए, जिनके लिए आठ दिन निगम के पास हैं। यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि सुझाव जितने अधिक होंगे नंबर उसी हिसाब से मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने कुल सौ नंबरों में से 15 नंबर सुझावों के रखे हैं। देश के चयनित 98 शहरों में इंदौर और भोपाल करीब दो-दो लाख सुझावों के साथ टॉप पर चल रहे हैं। जो भी शहर सुझावों के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उनके नंबर कट जाएंगे। ऐसे में नगर की जनता को चाहिए कि वह बाकी आठ दिनों में यानी 30 नवंबर तक अधिक से अधिक संख्या में सुझाव देकर सहारनपुर को पहले चरण में विकसित किए जाने वाले शहरों में शामिल कराने में अपना योगदान दें।
युवाओं से की सुझाव देने की अपील
सहारनपुर को पहले चरण में विकसित होने वाले शहरों में शामिल कराने के लिए नेशनल यूथ सोशल सोसायटी ने भी अपने स्तर से प्रयास शुरू किए हैं। सोसायटी पदाधिकारियों ने रविवार को मिशन कंपाउंड में कैंप लगाकर युवाओं को अधिक से अधिक सुझाव देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम संयोजक संकल्प नैब ने कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। ऐसे में युवा स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव अवश दें। इस दौरान रामजी सुनेजा, शैली साहनी, लीना गांधी, अंजू, सक्षम मनचंदा, प्रशांत गुप्ता, अमित शर्मा, ध्रुव अरोड़ा, संचित मनचंदा, शिवांग, शुभम बजाज, रजत, अभिषेक, आयुष, लक्की, शाह आलम, कपिल, कुशाग्र, शौर्य, शुभमपाल, शिवम आदि थे।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जन सहभागिता जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह आठ दिन में अधिक से अधिक ऑनलाइन सुझाव दे।
- डॉ. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त।