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झटके के बाद फिर से उबरने में लगा कारोबार

Thu, 25 Mar 2021 11:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 11:37 PM IST
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Business to recover again after shock
मनजीत सिंह अरोड़ा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोरोना संकट के बाद लगे लॉकडाउन के दौरान उद्योग और व्यापार बंद रहे। इसके चलते कारोबारियों को बड़े पैमाने पर नुकसान का सामना करना पड़ा। अनलॉक होने के बाद कारोबार ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़नी शुरू की। दीपावली के बाद से कारोबार ने संकट से उबरना शुरू किया। इस दौरान लगे वर्चुअल मेले भी जनपद के मशहूर वुड कॉर्विंग उद्योग के लिए मददगार साबित हुए। होजरी उद्योग की बढ़ती रफ्तार पर कच्चे माल के दाम में आए उछाल ने ब्रेक लगा दिए। ज्वैलरी कारोबार और आटोमोबाइल कारोबार की भी कमोबेश यही स्थिति है।
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वुड कॉर्विंग
वुड कॉर्विंग के लिए सहारनपुर विश्वविख्यात है। यहां 100 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय निर्यातक, करीब 1300 मेन्युफैक्चर्स और 80 हजार से अधिक कारीगर जुड़े हैं। वुड कार्विंग का सालाना टर्नओवर करीब 1500 करोड़ का है, जिसमें से करीब 1000 करोड़ रुपये के उत्पादों का सालाना निर्यात अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जर्मनी और स्पेन आदि देशों को होता है।
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होजरी
होजरी कारोबार के लिए भी सहारनपुर विख्यात है। यहां पर छोटी बड़ी 350 इकाइयां संचालित हैं, जिनमें होजरी के उत्पादों में बनियान, कच्छा, जुराब, लेगी, टॉप, लोवर आदि बनाए जाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक आपूर्ति की जाती है। हर महीने 300 से 400 टन कॉटन की खपत कच्चे माल के रूप में होती है।
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लॉकडाउन के दौरान वुड कॉर्विंग के निर्यात पर विपरीत असर पड़ा था। निर्यात में 100 से 150 करोड़ रुपये तक की गिरावट आई थी। इसके बाद निर्यात ने रफ्तार पकड़कर नुकसान की करीब पांच फीसदी भरपाई भी कर ली थी। अब अमेरिकन बाजार में तो सब ठीक है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आने से यूरोपियन बाजार में निर्यात के कुछ ऑर्डर पेंडिंग हैं। -- रविंद्र मिगलानी, आईआईए के चैप्टर चेयरमैन और निर्यातक ।
पहले लॉकडाउन और अब महंगाई का प्रकोप
लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद होने से होजरी कारोबार को 20 से 25 फीसदी तक नुकसान का सामना करना पड़ा। बाजार खुलने के बाद कारोबार को जो रफ्तार मिलनी शुरू हुई थी उस पर महंगाई ने अंकुश लगा दिया। धागा, इलास्टिक, पॉलिथीन और कागज के डिब्बों के भाव में बढ़ोतरी ने कारोबारियों को टेंशन में डाल रखा है। -- मनजीत सिंह अरोड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन।
लॉकडाउन के दौरान ज्वेलरी कारोबार को 20 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ था। लॉकडाउन के समाप्त होने के एकदम बाद कारोबार में तेजी आई थी, लेकिन अब महंगाई और त्योहारी सीजन नहीं होने के चलते ज्वेलरी कारोबार सामान्य है। -- अंकित जैन, ज्वैलर्स।
लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद रहने से रेडीमेड कारोबार को काफी झटका लगा था। बाजार खुलने के बाद पहले कारोबार में तेजी थी। अब फिर से व्यवसाय सामान्य हो गया है। व्यापारी अभी तक लॉकडाउन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सके हैं। -- हरजीत सिंह नरूला, रेेडीमेड गारमेंट कारोबारी

ऑटोमोबाइल सेक्टर लॉकडाउन के मार से उबरने में जूझ रहा है, लेकिन अभी भी वाहनों की बिक्री में 35 से 40 फीसदी तक की गिरावट है। महंगाई और रोजगार संकट के चलते लोगों के पास नकदी का अभाव है। ऑटोमोबाइल कारोबार बाजार में तेजी आने का इंतजार कर रहे हैं। -- अजय वर्मा, ऑटोमोबाइल शोरूम स्वामी।

अजय वर्मा

अजय वर्मा- फोटो : SAHARANPUR

हरजीत सिंह नरूला

हरजीत सिंह नरूला- फोटो : SAHARANPUR

रविन्द्र मिगलानी

रविन्द्र मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

अंकित जैन

अंकित जैन- फोटो : SAHARANPUR

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