Mission 2024: बसपा ने इस लोकसभा सीट पर दूसरी बार खेला बड़ा दांव, मायावती ने बैठाया ये सियासी गणित
Mission 2024 : बसपा ने इस लोकसभा सीट पर दूसरी बार बड़ा दांव खेला है। जानिए आखिर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस सीट पर क्या सियासी गणित बैठाया है।
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इंतजार के बाद आखिरकार बसपा ने सहारनपुर लोकसभा सीट को लेकर अपने पत्ते खोल दिए। बसपा की तरफ से लोकसभा क्षेत्र प्रभारी माजिद अली को प्रत्याशी बनाया गया है। यह दूसरा मौका है जब बसपा ने माजिद अली पर दांव खेला है। इससे पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्हें प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। सहारनपुर लोकसभा में इस बार करीब 18 लाख 44 हजार मतदाता है।
इस सीट पर मुस्लिमों की संख्या अधिक होने के कारण मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। इसके अलावा दलितों की संख्या भी ठीक है। बसपा ने मुस्लिम और दलित समीकरण को देखते हुए ही माजिद अली को प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव के परिणाम पर नजर डालें तो बसपा से सांसद फजर्लुरहमान ने ही बाजी मारी थी। यह जीत तब हुई थी जब पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी। इसके बावजूद बसपा प्रत्याशी ने यहां से जीत हासिल कर भाजपा को चुनौती दी थी। माजिद अली का कहना है कि रोजगार के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा।
ऐसा है राजनीतिक और पारिवारिक सफर
मूलरूप से देवबंद के फुलासअकबरपुर गांव के रहने वाले माजिद अली वार्ड 32 से जिला पंचायत सदस्य है। उनकी खेतीबाड़ी है और मुंबई में कपड़े का कारोबार भी है। उनकी पत्नी तसबीन बानो 2015 में जिला पंचायत सदस्य और 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं। बकौल, माजिद अली 2009 में बसपा से जुड़े थे। 2012 में देवबंद से विधानसभा टिकट मांगा था, लेकिन नहीं मिल सका था। 2017 में विधानसभा टिकट मिला, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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वहीं, वर्ष 2021 में उन्होंने आजाद समाज पार्टी ज्वॉइन कर ली थी, लेकिन बाद में बसपा का दामन थाम लिया था। दिसंबर 2023 में बसपा ने उन्हें लोकसभा क्षेत्र प्रभारी बनाया। माजिद अली के बड़े बेटे मोहम्मद अनस अमेरिका में कंप्यूटर इंजीनियर है। बेटी डॉ. यासमीन एमबीबीएस कर पुणे में प्रैक्टिस करती हैं। छोटी बेटी अरशी मुंबई और छोटा बेटा मोहम्मद अकबर देहरादून में 10वीं क्लास में है।
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