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बसपा नेताओं को पुलिस ने शब्बीरपुर जाने से रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 09 May 2017 12:44 AM IST
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शब्बीपुर जाने से रोका गया बसपाई का प्रतिनिधिमंडल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बड़गांव में सोमवार को शब्बीरपुर गांव जाने के लिए पहुंचे बसपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को पुलिस ने गांव की सीमा पर ही रोक दिया। बाद में प्रतिनिधि मंडल ने थाना पहुुंच कर विरोध प्रकट करते हुए पीड़ितों को सुरक्षा और सहायता मुहैया कराने की मांग की।
शब्बीरपुर गांव में हुए बवाल के बाद सोमवार को बसपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक महीपाल सिंह माजरा, जोनल इंचार्ज नरेश गौतम, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, शाजान मसूद गांव जाना चाहते थे, लेकिन बीच रास्ते में ही एसपी देहात रफीक अहमद ने पुलिस बल के साथ उन्हें रोक दिया। बाद में सभी लोग थाना पहुंचे और इस पर विरोध जताया।
शादान मसूद एवं महीपाल सिंह माजरा ने कहा कि बसपा के तमाम लोग दोनों ही पक्षों को समझाने के लिए गांव जाना चाहते थे। उनका मकसद गांव में शांति और पीड़ितों के घावों पर सहानुभूति का मरहम लगाना था।
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गांव में दलित पक्ष डरा और सहमा हुआ है। लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में घुसने तक नहीं दिया। जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग अपने घरों में नहीं हैं। वे कहा है उनके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। इसका पता भी पुलिस प्रशासन लगाए।
करीब आधा घंटा बाद प्रतिनिधिमंडल लौट गया। इसमें ब्लाक प्रमुख फहीम, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि माजिद अली, जहांगीर, संजय चौधरी, डा. रागिब अंजुम, शराफत आदि रहे।
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शब्बीरपुर गांव में हुए बवाल के बाद सोमवार को बसपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक महीपाल सिंह माजरा, जोनल इंचार्ज नरेश गौतम, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, शाजान मसूद गांव जाना चाहते थे, लेकिन बीच रास्ते में ही एसपी देहात रफीक अहमद ने पुलिस बल के साथ उन्हें रोक दिया। बाद में सभी लोग थाना पहुंचे और इस पर विरोध जताया।
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शादान मसूद एवं महीपाल सिंह माजरा ने कहा कि बसपा के तमाम लोग दोनों ही पक्षों को समझाने के लिए गांव जाना चाहते थे। उनका मकसद गांव में शांति और पीड़ितों के घावों पर सहानुभूति का मरहम लगाना था।
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गांव में दलित पक्ष डरा और सहमा हुआ है। लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में घुसने तक नहीं दिया। जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग अपने घरों में नहीं हैं। वे कहा है उनके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। इसका पता भी पुलिस प्रशासन लगाए।
करीब आधा घंटा बाद प्रतिनिधिमंडल लौट गया। इसमें ब्लाक प्रमुख फहीम, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि माजिद अली, जहांगीर, संजय चौधरी, डा. रागिब अंजुम, शराफत आदि रहे।