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आसान नहीं होगी शिव भक्तों की डगर
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घंटाघर कावड़ मार्ग टूटा और बंद पड़ा
- फोटो : SAHARANPUR
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टूटी सड़कें और धूल का गुब्बार... कठिन होगी शिवभक्तों की डगर
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण काल के बाद इस बार होने वाली कांवड़ यात्रा में 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के सहारनपुर के रास्ते कांवड़ लेकर लौटने का अनुमान है, लेकिन इस बार महानगर में शिवभक्तों की डगर आसान नहीं होगी। कांवड़ यात्रा शुरू होने में मात्र 17 दिन बचे है। मगर शहर की सड़कों पर अव्यवस्था का बोलबाला है। शहर में सीवर लाइन डालने की वजह से कई जगहों पर सड़कों को खोदा गया है। चारों और मिट्टी होने से धूल का गुब्बार भी मुसीबत बन रहा है। प्रशासन अभी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा हैं। ऐसे में कावंड़ियों के लिए यहां की यात्रा आसान नहीं होगी।
इस बार दो साल बाद कांवड़ यात्रा होगी। जिस कारण सावन मास में कांवड़ यात्रा में भारी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने का अनुमान है। महानगर से होकर कांवड़िया अपने ईष्ट शिवालयों की ओर जाते है। रविवार को अमर उजाला ने महानगर में कांवड़ मार्ग का जायजा लिया तो तमाम जगहों पर टूटी सड़कें और अव्यवस्थाएं नजर आई। स्मार्ट सिटी के तहत अंबाला रोड पर मेला गुघाल पुल से लेकर घंटाघर तक सीवर लाइन के लिए सड़क खोदी गई थी। इसके बाद मिट्टी डालकर सड़क को भर दिया गया, लेकिन पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। यहां पर धूल का गुब्बार हर समय लोगों के लिए मुसीबत बना है, जबकि इसी मार्ग जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के कांवड़ियों का सैलाब यहां से गुजरता हैं।
इसी तरह घंटाघर से देहरादून रोड पर ढमोला नदी पुल तक एक तरफ की सड़क को खोदा गया है। बराबर की सड़क से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है और वह भी टूटी पड़ी है। ऐसे में कावंड़ियों को इस मार्ग पर भी मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
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लगते हैं बड़ी संख्या में शिविर
महानगर में अंबाला रोड पर मेला गुघाल पुल से लेकर देहरादून रोड पर नौगजा पीर तक कांवड़ मार्ग है। इस मार्ग पर ही बड़ी संख्या में कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं। 14 जुलाई से सावन का महीना शुरू होगा। इसके बाद कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी, लेकिन प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की गई है।
इस बार ज्यादा रहेगी शिवभक्तों की संख्या
बीते दो सालों में कोरोना की वजह से कांवड़ यात्रा नहीं हो पाई थी, लेकिन इस बार हालात सामान्य है। ऐसे में शिवभक्तों की संख्या 10 लाख से अधिक होने का अनुमान पुलिस-प्रशासन ने लगाया है। हालांकि, रूट डायवर्जन और सुरक्षा की तैयारियां की जा रही है, लेकिन कांवड़ मार्ग की टूटी सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया है।
कांवड़ यात्रा को लेकर नगर निगम अभी से अपनी तैयारी में जुट गया है। कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी, जिन जगहों पर सीवर लाइन डालने का कार्य पूरा हो गया है। वहां की सड़कों को कांवड़ यात्रा से पूर्व बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, नगर निगम सहारनपुर
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण काल के बाद इस बार होने वाली कांवड़ यात्रा में 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के सहारनपुर के रास्ते कांवड़ लेकर लौटने का अनुमान है, लेकिन इस बार महानगर में शिवभक्तों की डगर आसान नहीं होगी। कांवड़ यात्रा शुरू होने में मात्र 17 दिन बचे है। मगर शहर की सड़कों पर अव्यवस्था का बोलबाला है। शहर में सीवर लाइन डालने की वजह से कई जगहों पर सड़कों को खोदा गया है। चारों और मिट्टी होने से धूल का गुब्बार भी मुसीबत बन रहा है। प्रशासन अभी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा हैं। ऐसे में कावंड़ियों के लिए यहां की यात्रा आसान नहीं होगी।
इस बार दो साल बाद कांवड़ यात्रा होगी। जिस कारण सावन मास में कांवड़ यात्रा में भारी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने का अनुमान है। महानगर से होकर कांवड़िया अपने ईष्ट शिवालयों की ओर जाते है। रविवार को अमर उजाला ने महानगर में कांवड़ मार्ग का जायजा लिया तो तमाम जगहों पर टूटी सड़कें और अव्यवस्थाएं नजर आई। स्मार्ट सिटी के तहत अंबाला रोड पर मेला गुघाल पुल से लेकर घंटाघर तक सीवर लाइन के लिए सड़क खोदी गई थी। इसके बाद मिट्टी डालकर सड़क को भर दिया गया, लेकिन पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। यहां पर धूल का गुब्बार हर समय लोगों के लिए मुसीबत बना है, जबकि इसी मार्ग जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के कांवड़ियों का सैलाब यहां से गुजरता हैं।
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इसी तरह घंटाघर से देहरादून रोड पर ढमोला नदी पुल तक एक तरफ की सड़क को खोदा गया है। बराबर की सड़क से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है और वह भी टूटी पड़ी है। ऐसे में कावंड़ियों को इस मार्ग पर भी मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
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लगते हैं बड़ी संख्या में शिविर
महानगर में अंबाला रोड पर मेला गुघाल पुल से लेकर देहरादून रोड पर नौगजा पीर तक कांवड़ मार्ग है। इस मार्ग पर ही बड़ी संख्या में कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं। 14 जुलाई से सावन का महीना शुरू होगा। इसके बाद कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी, लेकिन प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की गई है।
इस बार ज्यादा रहेगी शिवभक्तों की संख्या
बीते दो सालों में कोरोना की वजह से कांवड़ यात्रा नहीं हो पाई थी, लेकिन इस बार हालात सामान्य है। ऐसे में शिवभक्तों की संख्या 10 लाख से अधिक होने का अनुमान पुलिस-प्रशासन ने लगाया है। हालांकि, रूट डायवर्जन और सुरक्षा की तैयारियां की जा रही है, लेकिन कांवड़ मार्ग की टूटी सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया है।
कांवड़ यात्रा को लेकर नगर निगम अभी से अपनी तैयारी में जुट गया है। कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी, जिन जगहों पर सीवर लाइन डालने का कार्य पूरा हो गया है। वहां की सड़कों को कांवड़ यात्रा से पूर्व बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, नगर निगम सहारनपुर

अंबाला रोड कावड़ मार्ग गड़ढो में तब्दील- फोटो : SAHARANPUR

अंबाला रोड कावड़ मार्ग कच्ची सड़क पर सीविर के मैनहोल- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर का देहरादून रोड से घंटाघर बंद पड़ा कावड़ मार्ग- फोटो : SAHARANPUR