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बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रहा ईंट भट्ठे का मुंशी

Sat, 04 Sep 2021 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 11:57 PM IST
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Brick kiln scribe spreading the light of education in the lives of children
- ईंट भट्ठे पर बच्चों को पढ़ाने वाले श्याम सिंह - फोटो : SAHARANPUR
बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रहा ईंट भट्ठे का मुंशी
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सहारनपुर। ईंट भट्ठे का मुंशी भट्ठे पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों की जिंदगी में शिक्षा का उजियारा फैला रहा है। मुंशी एक सत्र ऐसा कर चुका है और अब फिर से कक्षा चलाने की तैयारी में है। भट्ठे पर कक्षा चलाने का परिणाम यह हुआ है कि बच्चों को अक्षर ज्ञान हुआ है और वह शब्दों को जोड़कर पढ़ना सीख रहे हैं।
गत वर्ष नकुड़ के तत्कालीन एसडीएम हिमांशु नागपाल ने ईंट भट्टों पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए ईंट भट्ठा (न्यू किसान ब्रिक्स फील्ड) के मालिकों से बात की थी। तय यह हुआ कि बच्चों के लिए भट्ठे पर ही कक्षा चलाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए शिक्षक की जरूरत थी। ईंट भट्ठे के मुंशी श्याम सिंह ने बच्चों को पढ़ाने की इच्छा जताई। श्याम सिंह बीएससी पास हैं। एसडीएम ने उनके नाम पर सहमति जता दी। इसके बाद उन्होंने बीते वर्ष करीब छह माह तक बच्चों को पढ़ाया। वह अपने काम के अलावा प्रतिदिन तीन घंटे बच्चों को पढ़ाते थे। बरसात के बाद फिर से ईंट भट्ठों पर काम शुरू होगा और फिर से परिवार काम करने के लिए आएंगे। श्याम सिंह ने बताया कि वह कक्षा केे निरंतर चलाने के इच्छुक हैं। इस बार भी पढ़ाने की तैयारी है। भट्टे पर कक्षा चलाने की शुरुआत से उन्हें खुशी है और वह भी चाहते हैं कि यह बच्चे पढ़ना लिखना सीखें। श्याम सिंह बताते हैं कि कक्षा में बच्चों को हिन्दी भाषा का ज्ञान कराने के साथ ही अंग्रेजी भी पढ़ाते हैं। गणित विषय पर भी उनका जोर रहता है।
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बनाना है निजी विद्यालयों के बच्चों जैसा
सहारनपुर। सरकारी विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की दिशा में वैसे तो सरकार की तरफ से भी प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसे भी शिक्षक हैं जो खुद भी इस प्रयास को सफल बनाने में लगे हैं। ऐसे ही प्रयास गागलहेड़ी क्षेत्र के चौरादेव स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन कुमार कर रहे हैं, जो अपने यहां पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को टाई, बेल्ट और पहचानपत्र खुद तैयार कराकर देते हैं। कोरोना लॉकडाउन से पहले उन्होंने बच्चों को विभिन्न प्रकार की किताबें खरीदकर बांटीं जिस पर करीब 15 हजार रुपये खर्च किए। इतना ही नहीं, विद्यालय में अपनी तरफ से दो कंप्यूटर भी लगवाए हैं, ताकि बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान हो सके।

- नकुड़ - सरसावा मार्ग स्थित ईंट भट्ठे पर बच्चों को पढ़ाते शिक्षक

- नकुड़ - सरसावा मार्ग स्थित ईंट भट्ठे पर बच्चों को पढ़ाते शिक्षक- फोटो : SAHARANPUR

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