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Saharanpur News: वुड हैंडीक्राफ्ट उद्योग की समस्याओं और निस्तारण पर मंथन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। लघु उद्योग भारती और सहारनपुर वुडकार्विंग मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में वुड कॉर्विंग उद्योग से जुडे़ उद्यमियों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों के सामने आने वाली समस्याओं और उसके निस्तारण पर मंथन हुआ।
जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फ़ॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के महानिदेशक डॉक्टर राकेश कुमार ने कहा कि हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं को लेकर विभाग सजग है। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट वुड कार्विंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करें। इसमें ईपीसीएच पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि कारीगरों को प्रशिक्षण देने के लिए एक स्कूल की स्थापना की जाए। जिससे पढ़े लिखे और प्रशिक्षित कारीगर तैयार किए जा सकें। इस स्कूल की स्थापना के लिए वुड कार्विंग उद्योग से जुडे़ उद्यमी आगे आएं, इसके लिए ईपीसीएच मदद करेगी। उन्होंने वुडकार्विंग उद्योग से जुडे़ कारीगरों के सर्वांगीण विकास के लिए आर्टिजन वेलफ़ेयर ट्रस्ट की स्थापना पर जोर दिया।
संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी ने सरकार द्वारा उद्यमियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनों की जानकारी दी। वुडकार्विंग एसोसिएशन के महासचिव औसाफ़ गुड्डूू एवं सोम गोयल ने कहा कि जनपद में हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। ईपीसीएच के सदस्य हेमंत जुनेजा ने कहा कि शीशम और आम की लकड़ी का विकल्प तलाशा जाए। जिससे इस उद्योग का भविष्य सुरक्षित हो सके। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष अनुपम गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की सेमिनार से उद्यमियों को काफी लाभ होता है। संचालन सुशील सडाना और आलोक तनेजा ने किया। इस दौरान दिनेश माहेश्वरी, अमर गुप्ता, देवेंद्र बंसल, सुधाकर अग्रवाल, राजकमल अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, शौर्य जैन, संचित सागर, राजीव चांदना, राजीव आनंद, इरफानुलहक़ आदि रहे।
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सहारनपुर। लघु उद्योग भारती और सहारनपुर वुडकार्विंग मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में वुड कॉर्विंग उद्योग से जुडे़ उद्यमियों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों के सामने आने वाली समस्याओं और उसके निस्तारण पर मंथन हुआ।
जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फ़ॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के महानिदेशक डॉक्टर राकेश कुमार ने कहा कि हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं को लेकर विभाग सजग है। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट वुड कार्विंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करें। इसमें ईपीसीएच पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि कारीगरों को प्रशिक्षण देने के लिए एक स्कूल की स्थापना की जाए। जिससे पढ़े लिखे और प्रशिक्षित कारीगर तैयार किए जा सकें। इस स्कूल की स्थापना के लिए वुड कार्विंग उद्योग से जुडे़ उद्यमी आगे आएं, इसके लिए ईपीसीएच मदद करेगी। उन्होंने वुडकार्विंग उद्योग से जुडे़ कारीगरों के सर्वांगीण विकास के लिए आर्टिजन वेलफ़ेयर ट्रस्ट की स्थापना पर जोर दिया।
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संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी ने सरकार द्वारा उद्यमियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनों की जानकारी दी। वुडकार्विंग एसोसिएशन के महासचिव औसाफ़ गुड्डूू एवं सोम गोयल ने कहा कि जनपद में हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। ईपीसीएच के सदस्य हेमंत जुनेजा ने कहा कि शीशम और आम की लकड़ी का विकल्प तलाशा जाए। जिससे इस उद्योग का भविष्य सुरक्षित हो सके। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष अनुपम गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की सेमिनार से उद्यमियों को काफी लाभ होता है। संचालन सुशील सडाना और आलोक तनेजा ने किया। इस दौरान दिनेश माहेश्वरी, अमर गुप्ता, देवेंद्र बंसल, सुधाकर अग्रवाल, राजकमल अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, शौर्य जैन, संचित सागर, राजीव चांदना, राजीव आनंद, इरफानुलहक़ आदि रहे।
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