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सीमा विवाद में कई बार हुआ है खूनी संघर्ष
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नकुड़ (सहारनपुर)। यूपी हरियाणा के किसानों के बीच सीमा विवाद को लेकर जिस तरह से बागपत में टकराव हुआ, वैसे हालात सहारनपुर जिले में भी कई बार सामने आए हैं। दोनों राज्यों के किसानों के बीच खूनी संघर्ष तक हुए। सहारनपुर जिले में नकुड़ और गंगोह यमुना नदी किनारे के क्षेत्र हैं, इन्हीं क्षेत्रों के किसानों का हरियाणा के किसानों से टकराव होता रहा है।
यूपी-हरियाणा सीमा विवाद वर्षों से चला आ रहा है। नकुड़ क्षेत्र के गांव बाधी, फतेहपुर जट्ट, धुंधामाजरा व रानीपुर आदि कई गांव में यूपी व हरियाणा के किसानों के बीच कई बार विवाद हो चुका है। करीब दस वर्ष पूर्व इसी विवाद में गांव फतेहपुर जट के एक किसान की जान चली गई थी, जबकि दो वर्ष पूर्व गांव धुंधामाजरा और हरियाणा के सैकड़ों किसान के बीच विवादित जमीन से फसल काटने को लेकर संघर्ष हो गया था। गांव धुंधामाजरा के रहने वाले सुरेश पाल, राजकुमार शर्मा, संजय शर्मा, भूषण लाल आदि ने बताया कि हरियाणा के किसान हरियाणा पुलिस की शह पर उनके द्वारा बोई गई फसल को जबरन काट ले गए थे और जमीन पर अपना कब्जा कर लिया था। उन्होंने बताया कि उक्त जमीन हरियाणा के इंद्री थाना क्षेत्र में पड़ती है। इसी कारण यूपी पुलिस अपने थाने की सीमा से बाहर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है। उस समय मामला बढ़ता गया तो यूपी-हरियाणा के अधिकारियों ने मीटिंग कर विवाद निपटाने की बात कही थी, लेकिन धीरे-धीरे यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया और अभी तक भी उक्त जमीन पर हरियाणा के किसान ही फसल बोते और काटते चले आ रहे हैं। अन्य गांवों में भी सीमा विवाद को लेकर ये ही स्थिति है। वहीं, गंगोह क्षेत्र के किसानों का भी कई साल पूर्व हरियाणा के किसानों से टकराव हो गया था। वह विवाद भी फसल काटने को लेकर हुआ था।
--- गेहूं और धान की फसल तैयार होने पर होता है विवाद
दोनों राज्यों के किसानों के बीच विवाद की वजह तैयार फसल बनती है। जैसे ही फसल पक कर तैयार होती है तो हरियाणा के किसान उस पर अपना हक जताते हैं, जबकि यूपी के किसानों का दावा रहता है कि फसल उन्होंने बोई है तो काटने का भी अधिकार उनका ही है।
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यूपी-हरियाणा सीमा विवाद वर्षों से चला आ रहा है। नकुड़ क्षेत्र के गांव बाधी, फतेहपुर जट्ट, धुंधामाजरा व रानीपुर आदि कई गांव में यूपी व हरियाणा के किसानों के बीच कई बार विवाद हो चुका है। करीब दस वर्ष पूर्व इसी विवाद में गांव फतेहपुर जट के एक किसान की जान चली गई थी, जबकि दो वर्ष पूर्व गांव धुंधामाजरा और हरियाणा के सैकड़ों किसान के बीच विवादित जमीन से फसल काटने को लेकर संघर्ष हो गया था। गांव धुंधामाजरा के रहने वाले सुरेश पाल, राजकुमार शर्मा, संजय शर्मा, भूषण लाल आदि ने बताया कि हरियाणा के किसान हरियाणा पुलिस की शह पर उनके द्वारा बोई गई फसल को जबरन काट ले गए थे और जमीन पर अपना कब्जा कर लिया था। उन्होंने बताया कि उक्त जमीन हरियाणा के इंद्री थाना क्षेत्र में पड़ती है। इसी कारण यूपी पुलिस अपने थाने की सीमा से बाहर होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है। उस समय मामला बढ़ता गया तो यूपी-हरियाणा के अधिकारियों ने मीटिंग कर विवाद निपटाने की बात कही थी, लेकिन धीरे-धीरे यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया और अभी तक भी उक्त जमीन पर हरियाणा के किसान ही फसल बोते और काटते चले आ रहे हैं। अन्य गांवों में भी सीमा विवाद को लेकर ये ही स्थिति है। वहीं, गंगोह क्षेत्र के किसानों का भी कई साल पूर्व हरियाणा के किसानों से टकराव हो गया था। वह विवाद भी फसल काटने को लेकर हुआ था।
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--- गेहूं और धान की फसल तैयार होने पर होता है विवाद
दोनों राज्यों के किसानों के बीच विवाद की वजह तैयार फसल बनती है। जैसे ही फसल पक कर तैयार होती है तो हरियाणा के किसान उस पर अपना हक जताते हैं, जबकि यूपी के किसानों का दावा रहता है कि फसल उन्होंने बोई है तो काटने का भी अधिकार उनका ही है।
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