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काली पट्टी बांध मुस्लिमों ने जताया सीएए का विरोध
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बेहट (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में शनिवार को मुस्लिम समुदाय के लोग मदरसा कासरूल उलूम में एकत्र हुए और और काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद उनके द्वारा मौके पर पहुंचे एसडीएम को नागरिकता संशोधन कानून को निरस्त और एनआरसी को पूरे भारत में लागू करने की सरकार की योजना को रोके जाने की मांग के संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम को दिए ज्ञापन में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा भारत सरकार द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून धर्म विशेष वर्ग की अनदेखी करता है, जो कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह कानून जनता को धर्म के आधार पर विभाजित करने वाला है। हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है, इसलिए नागरिकता संशोधन कानून को धर्म निरपेक्षता पर आधारित होना चाहिए, जोकि नहीं है। इसलिए इस कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इसी के साथ ही एनआरसी को भी पूरे भारत में लागू करने की सरकार की योजना है, इस पर भी रोक लगाई जाए। उनके द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में हुए प्रदर्शनों में जनता व प्रशासनिक अधिकारियों को हुए जानमाल के नुकसान की जांच निष्पक्ष एजेंसियों द्वारा कराने की मांग की ।
विरोध प्रदर्शन में नगर पंचायत अध्यक्ष अब्दुल रहमान, कारी अल्ताफ, मौलाना अब्दुल बारी, मुफ्ती मुतीउर्रहमान, मौलाना मुबीन अख्तर, मोहम्मद सईद अहमद, रिजवान अहमद, शौकत अली, मोहम्मद शहजाद, टीपू सुल्तान, अजीम मलिक, शाकिर हुसैन, आरिफ, शमशाद, इनाम, गुलफाम आदि रहे।
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एसडीएम को दिए ज्ञापन में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा भारत सरकार द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून धर्म विशेष वर्ग की अनदेखी करता है, जो कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह कानून जनता को धर्म के आधार पर विभाजित करने वाला है। हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है, इसलिए नागरिकता संशोधन कानून को धर्म निरपेक्षता पर आधारित होना चाहिए, जोकि नहीं है। इसलिए इस कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इसी के साथ ही एनआरसी को भी पूरे भारत में लागू करने की सरकार की योजना है, इस पर भी रोक लगाई जाए। उनके द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में हुए प्रदर्शनों में जनता व प्रशासनिक अधिकारियों को हुए जानमाल के नुकसान की जांच निष्पक्ष एजेंसियों द्वारा कराने की मांग की ।
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विरोध प्रदर्शन में नगर पंचायत अध्यक्ष अब्दुल रहमान, कारी अल्ताफ, मौलाना अब्दुल बारी, मुफ्ती मुतीउर्रहमान, मौलाना मुबीन अख्तर, मोहम्मद सईद अहमद, रिजवान अहमद, शौकत अली, मोहम्मद शहजाद, टीपू सुल्तान, अजीम मलिक, शाकिर हुसैन, आरिफ, शमशाद, इनाम, गुलफाम आदि रहे।
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