{"_id":"6322213eccf1cb1a372a4958","slug":"black-marketing-report-filed-against-two-including-ration-seller-saharanpur-news-mrt6052898122","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन विक्रेता सहित दो के खिलाफ कालाबाजारी की रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन विक्रेता सहित दो के खिलाफ कालाबाजारी की रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
सहारनपुर, गंगोह। गांव बुड्ढाखेड़ा में बरामद 42 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न के मामले में पुलिस ने निलंबित राशन विक्रेता एवं उसके पड़ोसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपी फरार हो गए। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है।
पूर्ति निरीक्षक हिरदेश कुमार ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 10 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर उन्होंने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अश्वनी मिश्रा एवं पुलिस बल के साथ गांव बुड्ढाखेड़ा में छापा मारा था। वहां इकबाल पुत्र रहमत के घर से 85 कट्टे खाद्यान्न के बरामद हुए थे। इनमें 43 कट्टे गेहूं एवं 42 कट्टे चावल के थे। उक्त खाद्यान्न को नागल राजपूत के विक्रेता की सुपुर्दगी में देकर जांच शुरू कर दी गई थी। मकान स्वामी इकबाल ने बताया था कि उक्त गेहूं-चावल गांव के निलंबित राशन विक्रेता इरफान ने अपने खेत का बताकर उनके घर में रखा था। जांच के दौरान कविता, बेबी, सुरेशो, कुसुम, सीटू, धन्नो, सरिता, निशा सहित बड़ी संख्या में कार्डधारकों ने बताया कि विक्रेता इरफान द्वारा माह जुलाई/अगस्त में उनसे ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया था। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि अनियमितता के कारण उक्त विक्रेता को एक माह पूर्व ही निलंबित कर दिया गया था। आरोपी विक्रेता कार्डधारकों को राशन वितरित न करके अपने पड़ोसी इकबाल की मदद से उसकी कालाबाजारी करने की फिराक में था। मामले की जांच रिपोर्ट डीएसओ द्वारा जिलाधिकारी को प्रेषित की गई। उनके आदेश के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी फरार हो गए हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
पूर्ति निरीक्षक हिरदेश कुमार ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 10 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर उन्होंने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अश्वनी मिश्रा एवं पुलिस बल के साथ गांव बुड्ढाखेड़ा में छापा मारा था। वहां इकबाल पुत्र रहमत के घर से 85 कट्टे खाद्यान्न के बरामद हुए थे। इनमें 43 कट्टे गेहूं एवं 42 कट्टे चावल के थे। उक्त खाद्यान्न को नागल राजपूत के विक्रेता की सुपुर्दगी में देकर जांच शुरू कर दी गई थी। मकान स्वामी इकबाल ने बताया था कि उक्त गेहूं-चावल गांव के निलंबित राशन विक्रेता इरफान ने अपने खेत का बताकर उनके घर में रखा था। जांच के दौरान कविता, बेबी, सुरेशो, कुसुम, सीटू, धन्नो, सरिता, निशा सहित बड़ी संख्या में कार्डधारकों ने बताया कि विक्रेता इरफान द्वारा माह जुलाई/अगस्त में उनसे ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया था। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि अनियमितता के कारण उक्त विक्रेता को एक माह पूर्व ही निलंबित कर दिया गया था। आरोपी विक्रेता कार्डधारकों को राशन वितरित न करके अपने पड़ोसी इकबाल की मदद से उसकी कालाबाजारी करने की फिराक में था। मामले की जांच रिपोर्ट डीएसओ द्वारा जिलाधिकारी को प्रेषित की गई। उनके आदेश के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी फरार हो गए हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन