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मानकों के अनुरूप हो बायोगैस प्लांट की स्थापना
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सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि जनपद की गोशालाओं में बनने वाले बायो गैस प्लांट के निर्माण में शासन के निर्धारित मानकों को पूरा किया जाए। उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी को स्थल चयन करने और जल्द ही कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं जिला गोबरधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि गोशालाओं के साथ ही ग्रामवासियों से भी गोबर प्राप्त करने के लिए समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत के स्थायित्व के लिए द्वितीय चरण में 5000 से अधिक आबादी की 74 ग्राम पंचायतों एवं 5000 से कम आबादी की 456 ग्राम पंचायतों में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम को गंभीरता से चलाया जाए। स्वच्छता अभियान से जन सामान्य को जोड़ने के लिए ग्राम प्रधानों, आशा, आंगनबाड़ी, सफाई कर्मी एवं स्वच्छताग्रहियों को प्रशिक्षित करके विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। समिति ने कूडे़ कचरे का समुचित निस्तारण एवं गोबर को धन के रूप में बहुउपयोगी बनाने के उद्देश्य से वृहद गो आश्रय स्थल कलसिया और ग्राम पंचायत चकवाली में बायो गैस प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, परियोजना निदेशक देवेंद्र प्रताप, जिला पंचायत राज अधिकारी उपेन्द्र राज सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरके सक्सेना, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य हंसराज गौतम, ब्लॉक प्रमुख नागल संजना चौधरी, ग्राम प्रधान कोलकी रांघड़ मनीषा, ग्राम प्रधान नैनसोब सोनिया आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं जिला गोबरधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि गोशालाओं के साथ ही ग्रामवासियों से भी गोबर प्राप्त करने के लिए समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत के स्थायित्व के लिए द्वितीय चरण में 5000 से अधिक आबादी की 74 ग्राम पंचायतों एवं 5000 से कम आबादी की 456 ग्राम पंचायतों में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम को गंभीरता से चलाया जाए। स्वच्छता अभियान से जन सामान्य को जोड़ने के लिए ग्राम प्रधानों, आशा, आंगनबाड़ी, सफाई कर्मी एवं स्वच्छताग्रहियों को प्रशिक्षित करके विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। समिति ने कूडे़ कचरे का समुचित निस्तारण एवं गोबर को धन के रूप में बहुउपयोगी बनाने के उद्देश्य से वृहद गो आश्रय स्थल कलसिया और ग्राम पंचायत चकवाली में बायो गैस प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, परियोजना निदेशक देवेंद्र प्रताप, जिला पंचायत राज अधिकारी उपेन्द्र राज सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरके सक्सेना, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य हंसराज गौतम, ब्लॉक प्रमुख नागल संजना चौधरी, ग्राम प्रधान कोलकी रांघड़ मनीषा, ग्राम प्रधान नैनसोब सोनिया आदि मौजूद रहे।
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