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Saharanpur News: बिलाल के मकान पर भी लटका ताला, ग्रामीण बोले-हमें नहीं पता, कहां गए
Wed, 12 Nov 2025 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:06 AM IST
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पापड़ी गांव स्थित बिलाल के घर पर लटका ताला। संवाद
- फोटो : reasi news
तीतरों। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ जुड़े डॉ. आदिल को लेकर हर दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच तीतरों के पापड़ी गांव के रहने वाले बिलाल के घर पर भी सन्नाटा पसरा है। उसके घर पर ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बिलाल के परिजन कहां गए किसी को नहीं पता।
बिलाल पर आरोप है कि वह अलकायदा के साथ मिलकर आतंकी हमले करने की साजिश रच रहा था।
बता दें, कि बिलाल को यूपी एटीएस ने 15 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 4 नवंबर को रिमांड पर हुई पूछताछ के बाद खुलासा हुआ था। इसमें पता चला था कि बिलाल पाकिस्तानी अलकायदा हैंडलर्स के लगातार संपर्क में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश हासिल कर रहा था। उसके मोबाइल डाटा एनालिसिस से पता चला था कि वह चार हजार से ज्यादा पाकिस्तानी नंबरों से जुड़ा हुआ था।
वह तभी से गिरफ्त में है। मंगलवार को पापड़ी गांव में उसके मकान पर ताला लगा मिला। जब आसपास के लोगों से पता किया गया कि बिलाल के परिजन कहां गए हैं तो उन्होंने बताया कि सोमवार से ही यहां कोई नहीं है।
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नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि बिलाल खान बचपन से ही इस्लामिक राज की बात करता रहता था। पिता शरीफुल्ला ने उसे शामली के जलालाबाद स्थित मदरसे में दीनी तालीम के लिए भेजा था। वहां पर बिलालइ ने तालीम के साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाकर आतंकी सगठनों से मेलजोल बना लिया।
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बिलाल पर आरोप है कि वह अलकायदा के साथ मिलकर आतंकी हमले करने की साजिश रच रहा था।
बता दें, कि बिलाल को यूपी एटीएस ने 15 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 4 नवंबर को रिमांड पर हुई पूछताछ के बाद खुलासा हुआ था। इसमें पता चला था कि बिलाल पाकिस्तानी अलकायदा हैंडलर्स के लगातार संपर्क में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश हासिल कर रहा था। उसके मोबाइल डाटा एनालिसिस से पता चला था कि वह चार हजार से ज्यादा पाकिस्तानी नंबरों से जुड़ा हुआ था।
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वह तभी से गिरफ्त में है। मंगलवार को पापड़ी गांव में उसके मकान पर ताला लगा मिला। जब आसपास के लोगों से पता किया गया कि बिलाल के परिजन कहां गए हैं तो उन्होंने बताया कि सोमवार से ही यहां कोई नहीं है।
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नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि बिलाल खान बचपन से ही इस्लामिक राज की बात करता रहता था। पिता शरीफुल्ला ने उसे शामली के जलालाबाद स्थित मदरसे में दीनी तालीम के लिए भेजा था। वहां पर बिलालइ ने तालीम के साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाकर आतंकी सगठनों से मेलजोल बना लिया।