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25.79 करोड की लगी छह खनन पटटों की बोली
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सहारनपुर। जनपद के छह नए पट्टों से खनन खुलने की उम्मीद जग गई है। ई-टेंडरिंग के माध्यम से 25 करोड़ 79 लाख रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब जिले के छह खनन पट्टों की बोली लगी है। एप्रूवल और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र जारी होने के बाद इन पट्टों से खनन होना शुरू हो जाएगा।
जनपद के छह खनन पट्टों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शुक्रवार को पूरी हुई इस प्रक्रिया में इन छह पट्टों के लिए 25.79 करोड़ प्रतिवर्ष की बोली लगी है। इनमें शेरपुर पेलो के लिए पांच करोड़ सात लाख रुपये, मायापुर रूपपुर के लिए दो करोड़ 79 लाख रुपये, हैदरपुर खनन पट्टे के लिए दो करोड़ तीन लाख रुपये की बोली लगी है। इसके अलावा रहणा-1 के लिए दो करोड़ 69 लाख रुपये, रहणा-2 के लिए दो करोड़ 76 लाख रुपये और बरथा कोरसी के पट्टे के लिए दस करोड़ 43 लाख रुपये की बोली लगाई गई है। जिला खान अधिकारी आशीष कुुमार ने बताया कि इन खनन पट्टों की यह बोली प्रतिवर्ष के हिसाब से है। ये सभी खनन पट्टे रेत, बोल्डर और बजरी आदि के मिक्स हैं। बोली लगने के बाद अब कंपनी से कागजात मंगाकर इसका एप्रूवल कराया जाएगा और फिर सहमति पत्र जारी होगा। इसके बाद पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र के लिए कार्रवाई की जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद एग्रीमेंट कराकर खनन शुरू कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो माह का समय लगने की उम्मीद है।
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जनपद के छह खनन पट्टों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शुक्रवार को पूरी हुई इस प्रक्रिया में इन छह पट्टों के लिए 25.79 करोड़ प्रतिवर्ष की बोली लगी है। इनमें शेरपुर पेलो के लिए पांच करोड़ सात लाख रुपये, मायापुर रूपपुर के लिए दो करोड़ 79 लाख रुपये, हैदरपुर खनन पट्टे के लिए दो करोड़ तीन लाख रुपये की बोली लगी है। इसके अलावा रहणा-1 के लिए दो करोड़ 69 लाख रुपये, रहणा-2 के लिए दो करोड़ 76 लाख रुपये और बरथा कोरसी के पट्टे के लिए दस करोड़ 43 लाख रुपये की बोली लगाई गई है। जिला खान अधिकारी आशीष कुुमार ने बताया कि इन खनन पट्टों की यह बोली प्रतिवर्ष के हिसाब से है। ये सभी खनन पट्टे रेत, बोल्डर और बजरी आदि के मिक्स हैं। बोली लगने के बाद अब कंपनी से कागजात मंगाकर इसका एप्रूवल कराया जाएगा और फिर सहमति पत्र जारी होगा। इसके बाद पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र के लिए कार्रवाई की जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद एग्रीमेंट कराकर खनन शुरू कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो माह का समय लगने की उम्मीद है।
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