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Saharanpur News: कलयुग में मनुष्य के उद्धार का साधन है भागवत कथा
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तीतरों। संत प्रवर कृष्ण रसिक सागर ने कहा कलयुग में भागवत कथा मनुष्य के उद्धार का साधन है। उनके भगवान कृष्ण की लीलाओं के मनमोहक वर्णन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
श्री सरस्वती इंटर काॅलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास श्री कृष्ण रसिक सागर महाराज ने वेद ऋषि नारद की जिज्ञासा का भगवान कृष्ण द्वारा समाधान करने का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी भ्रम और कष्टों का अनुभव हो तो भगवान कृष्ण की भक्ति ही सही मार्ग दिखाती है। उन्होंने आत्मा का परमात्मा से क्या संबंध है, इस पर भी उपस्थित श्रद्धालुओं को विस्तार से बताया। कथा के दौरान उन्होंने प्रणामी धर्म प्रवर्तक महामति प्राणनाथ जी के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने धर्म की स्थापना किस तरह की विपरीत परिस्थितियों में की वह कलयुग में श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने कहा जो भक्त भगवान के प्रेम में पागल हो जाते हैं, उसे ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
इस दौरान शेरपुर आश्रम से आए पुजारी कृष्ण दास जी, पुजारी सुखिया जी, संतोष कुमार, राकेश चौधरी, चौ. तेज सिंह, त्रिशला देवी, सीमा, जेके शर्मा, श्रीयांशी आदि सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद
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श्री सरस्वती इंटर काॅलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास श्री कृष्ण रसिक सागर महाराज ने वेद ऋषि नारद की जिज्ञासा का भगवान कृष्ण द्वारा समाधान करने का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी भ्रम और कष्टों का अनुभव हो तो भगवान कृष्ण की भक्ति ही सही मार्ग दिखाती है। उन्होंने आत्मा का परमात्मा से क्या संबंध है, इस पर भी उपस्थित श्रद्धालुओं को विस्तार से बताया। कथा के दौरान उन्होंने प्रणामी धर्म प्रवर्तक महामति प्राणनाथ जी के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने धर्म की स्थापना किस तरह की विपरीत परिस्थितियों में की वह कलयुग में श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने कहा जो भक्त भगवान के प्रेम में पागल हो जाते हैं, उसे ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
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इस दौरान शेरपुर आश्रम से आए पुजारी कृष्ण दास जी, पुजारी सुखिया जी, संतोष कुमार, राकेश चौधरी, चौ. तेज सिंह, त्रिशला देवी, सीमा, जेके शर्मा, श्रीयांशी आदि सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद
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