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अतिक्रमण हटाओ अभियान में व्यापारियों के दबाव में झुके अफसर

Tue, 04 Apr 2017 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 04 Apr 2017 12:20 AM IST
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Benders under pressure of traders
अतिक्रमण हटाती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर शहर से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को रेलवे रोड और कोर्ट रोड से हटाए गए अतिक्रमण में अधिकारी फिर से खानापूर्ति कर लौट गए।
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इतना ही नहीं, पिछले दो दिनों में जिन मार्गों से अतिक्रमण हटाया गया, उन मार्गों पर फिर से दुकानों का सामान रख अतिक्रमण कर लिया गया। हैरत की बात यह है कि अभियान चला रहे अधिकारियों ने अतिक्रमण से मुक्त कराए गए मार्गों पर दोबारा जाकर झांकने तक की जरूरत नहीं समझी है।
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सोमवार को रेलवे रोड और कोर्ट रोड से अतिक्रमण हटाया जाना था। अतिक्रमण हटाओ अभियान को शुरू करने का समय पूर्वाह्न 11 बजे का है, लेकिन अधिकारियों को इकट्ठा होने में ही 12 बज जाते हैं। सोमवार को भी यही हुआ।
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नगर निगम के अधिकारियों के पहुंचने की वजह से एएसपी सुनीति और सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर को काफी इंतजार करना पड़ा। करीब सवा 12 बजे अपर नगरायुक्त पहुंचे। अभियान शुरू करने से पहले ही स्थानीय व्यापारियों ने अधिकारियों को घेर लिया।

अधिकारियों के करीब एक घंटे तक इकट्ठा होने की भनक लगते ही दुकानदारों ने सामान समेटकर दुकानों में रख लिया। इसके अलावा रेहड़े वालों ने भी रेहड़े गलियों में कर लिए।

सड़क पर खड़ी दो स्कूटी जब्त की, जबकि सड़क पर ही खड़ी पुलिस लिखी बाइक को हाथ तक नहीं लगाया गया। इसे लेकर कुछ लोगों ने नाराजगी भी व्यक्त की। ऐसे में घंटाघर से रेलवे रोड स्थित बस स्टैंड तक अधिकारी बिना कुछ किए पहुंच गए।

बस अड्डे के आसपास दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कराया गया। बाहर रखा सामान भी जब्त किया गया। सवाल यह है कि जब गरीब दुकानदारों की दुकानों के सामने हुए फर्श तक को उखाड़ दिया गया, तो रेलवे रोड की दूसरी साइड को क्यों छोड़ दिया गया।

माना जा रहा है कि व्यापारियों के दबाव में ऐसा हुआ है। इससे लोगों में काफी नाराजगी है। उधर, अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिकारियों को देख दुकानदारों ने पहले ही सामान सड़कों से समेटकर दुकानों में रख लिया था।

मगर जैसे ही अधिकारी आगे चलते गए, पीछे दुकानों से निकलकर सामान सड़कों पर आता गया। जिस समय टीम बस अड्डे पर पहुंची थी, उस समय तक पीछे की दुकानें सड़क पर आ चुकी थीं।


उधर, अतिक्रमण हटाने के दौरान निजी बसें और टैक्सी सड़क पर खड़ी रहीं, जिन्हें छेड़ने तक की हिम्मत अधिकारियों ने नहीं दिखाई। हालांकि टैक्सी स्टैंड के लिए टीन शेड में चल रहे ऑफिस को ध्वस्त जरूर कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो नगर निगम ने निजी बसों और टैक्सी के लिए जमीन दी हुई है। नियमानुसार परिवहन निगम के बस अड्डे के आसपास कोई भी निजी बस या टैक्सी स्टैंड नहीं चल सकता।
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