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सुनियोजित तरीके से लगाई जा रही बैंकों को करोड़ों की चपत
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सहारनपुर। जिले में सुनियोजित तरीके से कई बैंकों को करोड़ों की चपत लगाई गई है। फर्जी नामों और कागजातों के आधार पर बैंकों से ऋण लिया गया। शातिर आरोपियों ने मिलीभगत से आईडी तैयार कराई। फिर बैंकों में एकाउंट खुलवाने के बाद लोन लेकर हड़प लिया। इस फर्जीवाड़े में कई सरकारी और बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध हैं, लेकिन इनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी निजी और सरकारी बैंकों से करीब पांच करोड़ रुपये अधिक लोन लेकर हड़प चुके हैं। ऐसे दो मामलों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन लोन पास करने वाले बैंक कर्मचारियों और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
केस-1-
नगर कोतवाली पुलिस एक माह पूर्व साकिब निवासी पुरानी मंडी, मोहम्मद नवाज निवासी कंबोह का पुल व गुलफाम उर्फ शानू निवासी मोहल्ला सब्जी मंडी मुजफ्फरनगर को पकड़ा था। इन्होंने जोगियान पुल स्थित बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 20 लाख लोन लिया था। इसके अलावा कई बैंकों से इसी तरह ऋण लेकर हड़पने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित छह आरोपियों को जेल भेजा था।
केस-2-
रविवार को नगर कोतवाली पुलिस ने रजत कुमार पुत्र क्रेशन गांव छपरेड़ी कोतवाली रामपुर मनिहारान को गिरफ्तार किया। इस आरोपी ने अपने गिरोह के करीब पांच सदस्यों के साथ मिलकर केनरा बैंक की कई शाखाओं से 47 लाख रुपये का ऋण लिया। रजत के हिस्से में 13 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने चार लाख रुपये आरोपी के खाते में फ्रिज कराएं हैं, लेकिन इसके साथी अभी पकड़े नहीं गए।
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ऐसे कराते हैं दस्तावेज तैयार, लगाते हैं अपनी फोटो
आरोपी सबसे पहले आधार कार्ड बनवाते हैं। आरोपी अपने अंगूठे मशीन पर लगाते हैं। इसके साथ ही फोटो भी अपनी खिंचवाते हैं, लेकिन नाम पते फर्जी दर्ज कराते हैं, जिस नंबर पर ओटीपी आता है, वह सिम भी फर्जी आइडी पर लिया होता है। इसके बाद वोटर आइडी और पैन कार्ड बनवाकर बैंकों में एकाउंट खुलवाकर लोन के लिए आवेदन करते हैं। आरोपी पूर्व बनी फर्जी आइडी के जरिए आधार कार्ड बनवाने का फार्म भरते हैं।
पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। मामले की जांच चल रही है। लोन पास करने वाले बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।----------आकाश तोमर, एसएसपी
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केस-1-
नगर कोतवाली पुलिस एक माह पूर्व साकिब निवासी पुरानी मंडी, मोहम्मद नवाज निवासी कंबोह का पुल व गुलफाम उर्फ शानू निवासी मोहल्ला सब्जी मंडी मुजफ्फरनगर को पकड़ा था। इन्होंने जोगियान पुल स्थित बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 20 लाख लोन लिया था। इसके अलावा कई बैंकों से इसी तरह ऋण लेकर हड़पने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित छह आरोपियों को जेल भेजा था।
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केस-2-
रविवार को नगर कोतवाली पुलिस ने रजत कुमार पुत्र क्रेशन गांव छपरेड़ी कोतवाली रामपुर मनिहारान को गिरफ्तार किया। इस आरोपी ने अपने गिरोह के करीब पांच सदस्यों के साथ मिलकर केनरा बैंक की कई शाखाओं से 47 लाख रुपये का ऋण लिया। रजत के हिस्से में 13 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने चार लाख रुपये आरोपी के खाते में फ्रिज कराएं हैं, लेकिन इसके साथी अभी पकड़े नहीं गए।
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ऐसे कराते हैं दस्तावेज तैयार, लगाते हैं अपनी फोटो
आरोपी सबसे पहले आधार कार्ड बनवाते हैं। आरोपी अपने अंगूठे मशीन पर लगाते हैं। इसके साथ ही फोटो भी अपनी खिंचवाते हैं, लेकिन नाम पते फर्जी दर्ज कराते हैं, जिस नंबर पर ओटीपी आता है, वह सिम भी फर्जी आइडी पर लिया होता है। इसके बाद वोटर आइडी और पैन कार्ड बनवाकर बैंकों में एकाउंट खुलवाकर लोन के लिए आवेदन करते हैं। आरोपी पूर्व बनी फर्जी आइडी के जरिए आधार कार्ड बनवाने का फार्म भरते हैं।
पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। मामले की जांच चल रही है। लोन पास करने वाले बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।----------आकाश तोमर, एसएसपी