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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   bankers on the strike, loss for 80 crore

बैंकों पर रही हड़ताल, 80 करोड़ का फटका

Thu, 03 Sep 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 03 Sep 2015 12:37 AM IST
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सहारनपुर। सहारनपुर यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के योगदान में केंद्र सरकार की श्रम विरोधी एवं बैंक विरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को बैंक कर्मियों ने बैंक शाखाओं पर तालाबंदी कर हड़ताल की। कर्मचारियों ने कई क्षेत्रों में जुलूस निकालकर घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। बैंकों की हड़ताल से करीब 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
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देश के समस्त केंद्रीय श्रम संगठनों एवं बैंकिंग उद्योग की सात यूनियनों के आह्वान पर जिले भर के करीब 25 बैंकों की 200 से ज्यादा शाखाओं के कर्मचारियों ने तालाबंदी कर सड़कों पर जुलूस निकाला। कॉमरेड राजीव जैन और सुनील गुप्ता ने कहा कि सरकार बैंककर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
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सरकार बैंकों का निजीकरण करके सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा जनता के धन को चंद पूंजीपतियों के हाथ में नहीं सौंप सकती। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते नहीं जागी तो बैंक कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन को बड़ा रूप देने के लिए बाध्य होंगे। बैंककर्मी अंबाला रोड स्थित बैंक ऑफ ओरियंटल पर इकट्ठा होकर कई क्षेत्रों से होते हुए घंटाघर चौक पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर रोष जताया।
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बैंकों की हड़ताल से करीब 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस दौरान सुनील गुप्ता, राजीव जैन, यशपाल सिंह राठी, प्रदीप गुप्ता, ओपी अरोड़ा, पल्लव गर्ग, वीके कुमार, अजय सिंघल, वीर कुमार जैन आदि मौजूद रहे।  


इन मांगों को लेकर संघर्षरत हैं बैंककर्मी
- सरकार द्वारा बैंकिंग सुधार रोके जाए
- जन विरोधी बैंकिंग सुधार रोके जाए  
- कॉरपोरेट ऋण चूककर्ताओं द्वारा जनता के धन की लूट रोकी जाए।
- बैंक ऋणों को जान बूझकर अदा न करना फौजदारी अपराध घोषित किया जाए।
- बैंक कार्यों की आउटसोर्सिंग रोकी जाए।  

निजी और दो राष्ट्रीयकृत बैंकों में हुआ कामकाज
सहारनपुर। बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण ग्राहकों ने निजी बैंकों के जरिये लेनदेन किया। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के बैंक में शामिल न होने के कारण इन बैंकों की शाखाओं में भी कामकाज जारी रहा। 
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