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बाधी के युवक की धामपुर में सड़क हादसे में मौत
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नकुड़ (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव बाधी निवासी एंबुलेंस चालक की बिजनौर के धामपुर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव बाधी निवासी अंशुल (24) पुत्र स्वर्गीय सुरेश ऋषिकेश एम्स अस्प्ताल में एंबुलेंस चालक था। वह शनिवार को ऋषिकेश से मरीज को लेकर धामपुर स्थित उसके घर छोड़ने जा रहा था। रात को किसी समय धामपुर के पास एंबुलेंस की ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में अंशुल की मौके पर ही मौत हो गई। मरीज के साथ वाले एक व्यक्ति के दुर्घटना में दोनों पैर कट गए। पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह अंशुल का शव गांव बाधी पहुंचा तो परिजनों का बुरा हाल हो गया। जिसने भी सुना वह अंशुल के घर की तरफ दौड़ पड़ा। बेहद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
एक माह पहले हुई थी शादी
अंशुल का एक माह पहले विवाह हुआ था। उसकी पत्नी के हाथों की मेहंदी तक नहीं उतरी थी कि उसका सुहाग उजड़ गया। पति की मौत की खबर से वह बेसुध है। मां और बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। अंशुल के पिता की भी पूर्व में मौत हो चुकी है। ऐसे में वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह अपने पीछे मां, नवविवाहिता पत्नी, एक छोटा भाई व छोटी बहन छोड़ गया है। अंशुल की मृत्यु से उसके परिवार के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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थाना क्षेत्र के गांव बाधी निवासी अंशुल (24) पुत्र स्वर्गीय सुरेश ऋषिकेश एम्स अस्प्ताल में एंबुलेंस चालक था। वह शनिवार को ऋषिकेश से मरीज को लेकर धामपुर स्थित उसके घर छोड़ने जा रहा था। रात को किसी समय धामपुर के पास एंबुलेंस की ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में अंशुल की मौके पर ही मौत हो गई। मरीज के साथ वाले एक व्यक्ति के दुर्घटना में दोनों पैर कट गए। पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह अंशुल का शव गांव बाधी पहुंचा तो परिजनों का बुरा हाल हो गया। जिसने भी सुना वह अंशुल के घर की तरफ दौड़ पड़ा। बेहद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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एक माह पहले हुई थी शादी
अंशुल का एक माह पहले विवाह हुआ था। उसकी पत्नी के हाथों की मेहंदी तक नहीं उतरी थी कि उसका सुहाग उजड़ गया। पति की मौत की खबर से वह बेसुध है। मां और बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। अंशुल के पिता की भी पूर्व में मौत हो चुकी है। ऐसे में वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह अपने पीछे मां, नवविवाहिता पत्नी, एक छोटा भाई व छोटी बहन छोड़ गया है। अंशुल की मृत्यु से उसके परिवार के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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