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Saharanpur News: निस्तारित होगा गांवों और बाहरी कॉलोनियों का कचरा
Sun, 24 Sep 2023 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:18 AM IST
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एमआर सैंटर
सहारनपुर। महानगर में शामिल गांवों और बाहरी कॉलोनियों का कचरा अब एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर के जरिए निस्तारित होगा। इससे एक ओर जहां शहर में गंदगी कम फैलेगी। वहीं कचरे से कमाई भी होगी। वर्तमान में महानगर की बाहरी कॉलोनियों में चार एमआरएफ सेंटरों का निर्माण जारी है।
नगर निगम वार्ड आठ में शकलापुरी मार्ग पर करीब डेढ़ बीघा जमीन पर एमआरएफ सेंटर बना रहा है। एमआरएफ सेंटर में कमरा और टीनशेड से हॉल तैयार किया गया है। इसके अलावा चहारदीवारी की गई है। वार्ड नौ के गांव चिरुकी, वार्ड दो में मल्हीपुर रोड स्थित एसटीपी के पास और बेहट रोड पर भी एक-एक एमआरफ सेंटर तैयार किया जा रहा है। चारों सेंटरों का निर्माण अंतिम दौर में है। इन सेंटरों पर आसपास के नगर निगम के गांवों और कॉलोनियों से कचरा लाया जाएगा। जिसमें से कांच, प्लास्टिक, पॉलिथीन, लोहा ऐसी चीजें जो रीसाइकिल हो सकती हैं को अलग कर बेचा जाएगा, जिससे कमाई होगी। साथ ही शेष कचरे से खाद बनाई जाएगी। यानी वार्डों का कचरा काफी हद तक वार्ड में ही निस्तारित होगा।
घर घर से लिया जा रहा कचरा
नगर निगम महानगर में घर-घर और प्रतिष्ठानों से दरवाजों पर जाकर कचरा लेता है। अब बाहरी कॉलोनियों में भी घर घर से कचरा लेने के लिए गाड़ियां लगाई गई हैं। यह गाड़ी निगम के गांवों और कॉलोनियों में जाकर घर घर से कचरा लेती है। अभी तक कचरा डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है, लेकिन एमआरएफ सेंटर चालू होने के बाद वहां जाएगा।
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आठ हो जाएगी संख्या
महानगर में फिलहाल चार एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं। यह सेंटर करीब तीन साल से संचालित हैं, लेकिन चार नए एमआरएफ सेंटर बनने के बाद इनकी संख्या आठ हो जाएगी। जिससे अधिक कचरा निस्तारित होगा।
नगरायुक्त के निर्देशन में महानगर की बाहरी कॉलोनियों में चार नए एमआरफ सेंटर बना रहा है, जिनका निर्माण अंतिम दौर में है। चालू होने के बाद घर घर से लिया जाने वाला कचरा यहां अलग अलग किया जाएगा। वार्डों का कचरा वार्ड में ही निस्तारित करने का यह बेहतर तरीका है।
- अशोक प्रिय गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सहायक नगरायुक्त
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नगर निगम वार्ड आठ में शकलापुरी मार्ग पर करीब डेढ़ बीघा जमीन पर एमआरएफ सेंटर बना रहा है। एमआरएफ सेंटर में कमरा और टीनशेड से हॉल तैयार किया गया है। इसके अलावा चहारदीवारी की गई है। वार्ड नौ के गांव चिरुकी, वार्ड दो में मल्हीपुर रोड स्थित एसटीपी के पास और बेहट रोड पर भी एक-एक एमआरफ सेंटर तैयार किया जा रहा है। चारों सेंटरों का निर्माण अंतिम दौर में है। इन सेंटरों पर आसपास के नगर निगम के गांवों और कॉलोनियों से कचरा लाया जाएगा। जिसमें से कांच, प्लास्टिक, पॉलिथीन, लोहा ऐसी चीजें जो रीसाइकिल हो सकती हैं को अलग कर बेचा जाएगा, जिससे कमाई होगी। साथ ही शेष कचरे से खाद बनाई जाएगी। यानी वार्डों का कचरा काफी हद तक वार्ड में ही निस्तारित होगा।
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घर घर से लिया जा रहा कचरा
नगर निगम महानगर में घर-घर और प्रतिष्ठानों से दरवाजों पर जाकर कचरा लेता है। अब बाहरी कॉलोनियों में भी घर घर से कचरा लेने के लिए गाड़ियां लगाई गई हैं। यह गाड़ी निगम के गांवों और कॉलोनियों में जाकर घर घर से कचरा लेती है। अभी तक कचरा डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है, लेकिन एमआरएफ सेंटर चालू होने के बाद वहां जाएगा।
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आठ हो जाएगी संख्या
महानगर में फिलहाल चार एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं। यह सेंटर करीब तीन साल से संचालित हैं, लेकिन चार नए एमआरएफ सेंटर बनने के बाद इनकी संख्या आठ हो जाएगी। जिससे अधिक कचरा निस्तारित होगा।
नगरायुक्त के निर्देशन में महानगर की बाहरी कॉलोनियों में चार नए एमआरफ सेंटर बना रहा है, जिनका निर्माण अंतिम दौर में है। चालू होने के बाद घर घर से लिया जाने वाला कचरा यहां अलग अलग किया जाएगा। वार्डों का कचरा वार्ड में ही निस्तारित करने का यह बेहतर तरीका है।
- अशोक प्रिय गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सहायक नगरायुक्त