{"_id":"665649912d278eb5a000ab2a","slug":"anganwadi-center-developed-children-will-learn-to-reanganwadi-center-developed-children-will-learn-to-read-and-writead-and-write-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-124532-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: आंगनबाड़ी केंद्र विकसित, पढ़ना-लिखना सीखेंगे नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: आंगनबाड़ी केंद्र विकसित, पढ़ना-लिखना सीखेंगे नौनिहाल
विज्ञापन
सहारनपुर। परिषदीय विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल प्ले स्कूल के रूप में होगा। अभी तक 1,032 विद्यालयों में केंद्र विकसित किए जा चुके हैं। पहले आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ताओं के घरों आदि जगहों पर चलते थे। जिनमें बच्चों को पुष्टाहार आदि सुविधाएं दी जाती थीं, लेकिन अब सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ज्यादातर केंद्र परिषदीय विद्यालयों में विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें अलग से कक्ष उपलब्ध कराया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका आदि वहीं पर बच्चों को बुलाकर खेल खेल में पढ़ना लिखना सिखाएंगी। जनपद में 1,438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से अभी तक 1,032 विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जा चुके हैं। जिला समन्वयक वरुण कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र विकसित होने के साथ ही उनमें पठन-पाठन भी शुरू कर दिया गया है। यह एक तरह से प्ले स्कूल हैं, जहां बच्चों के मन पर बिना कोई दबाव डाले उनको अक्षर ज्ञान आदि कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालन किया जा रहा है।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका आदि वहीं पर बच्चों को बुलाकर खेल खेल में पढ़ना लिखना सिखाएंगी। जनपद में 1,438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से अभी तक 1,032 विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जा चुके हैं। जिला समन्वयक वरुण कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र विकसित होने के साथ ही उनमें पठन-पाठन भी शुरू कर दिया गया है। यह एक तरह से प्ले स्कूल हैं, जहां बच्चों के मन पर बिना कोई दबाव डाले उनको अक्षर ज्ञान आदि कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालन किया जा रहा है।
विज्ञापन