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Saharanpur News: ... और वाजपेयी बोले, मेरा गुड़ तो मुझे लाकर दे दो भाई
Mon, 25 Dec 2023 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:03 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ बिहारी वाजपेई जी के साथ पूर्व विधायक जगन्नाथ खन्ना,
सहारनपुर। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 23 बार सहारनपुर आए हैं। उन्होंने 1987 में एक दिन में सात सभाएं की थी, जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें अपना गुवाहटी दौरा रद्द करना पड़ा था। इससे पूर्व 1960 में बारिश होने पर वाजपेयी ने गांधी पार्क मैदान में सभा निरस्त करा दी थी। इसके बाद सबको अपने साथ ले जाकर नगर पालिका के हॉल में कवि सम्मेलन शुरू करा दिया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने 45 मिनट कविताएं सुनाई थी। उन्हें सहारनपुर का गुड भी खूब पसंद आया था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रथम बार 1952 में सहारनपुर आए थे। पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि मई 1987 में अटल बिहारी वाजपेयी ने देवबंद, बेहट, रुड़की, गंगोह, हरिद्वार, बड़गांव, गंगोह, नकुड़ और महानगर में एक दिन में सात सभाएं की थी। तब लोगों ने शगुन के तौर पर उन्हें तीन लाख 88 हजार रुपये और गुड भेंट किया था। एक दिन में सात सभाएं करने की वजह से अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य खराब हो गया था। इसलिए उन्हें अपना गुवाहटी दौरा भी रद्द करना पड़ा था। रात में 11 बजे अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के लिए रवाना होने के लिए जब गाड़ी में बैठे तो गुड़ साथ रखना भूल गए थे, तब उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि शगुन के तौर पर मिला गुड़ तो मुझे लाकर दे दो भाई। लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि 2003 में अंतिम बार पूर्व प्रधानमंत्री ने गांधी पार्क में चुनावी जनसभा की थी।
कार्यकर्ताओं को नाम से जानते थे वाजपेयी
सहारनपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहारनपुर के एक-एक कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नाम से जानते थे। उन्हें जिले से बहुत लगाव था। इसी वजह से वह राजनीतिक और गैर राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने यहां 23 बार आए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री संघ के नेता सेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी, पूर्व विधायक जगन्नाथ खन्ना, लाजकृष्ण गांधी, डा. पन्ना लाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, महेंद्र सचदेवा के बेहद करीबी रहे हैं।
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याद करते हैं पूर्व प्रधानमंत्री के भाषण
सहारनपुर। महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण को आज भी लोग याद करते हैं। उन्होंने चुनावी सभाओं में लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। वह बेहद ही सरल स्वभाव से भाषण देते हुए विपक्ष की खामियों को गिनवाते थे। इसी वजह से अटल बिहारी वाजपेयी हर किसी के लोकप्रिय नेता थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रथम बार 1952 में सहारनपुर आए थे। पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि मई 1987 में अटल बिहारी वाजपेयी ने देवबंद, बेहट, रुड़की, गंगोह, हरिद्वार, बड़गांव, गंगोह, नकुड़ और महानगर में एक दिन में सात सभाएं की थी। तब लोगों ने शगुन के तौर पर उन्हें तीन लाख 88 हजार रुपये और गुड भेंट किया था। एक दिन में सात सभाएं करने की वजह से अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य खराब हो गया था। इसलिए उन्हें अपना गुवाहटी दौरा भी रद्द करना पड़ा था। रात में 11 बजे अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के लिए रवाना होने के लिए जब गाड़ी में बैठे तो गुड़ साथ रखना भूल गए थे, तब उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि शगुन के तौर पर मिला गुड़ तो मुझे लाकर दे दो भाई। लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि 2003 में अंतिम बार पूर्व प्रधानमंत्री ने गांधी पार्क में चुनावी जनसभा की थी।
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कार्यकर्ताओं को नाम से जानते थे वाजपेयी
सहारनपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहारनपुर के एक-एक कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नाम से जानते थे। उन्हें जिले से बहुत लगाव था। इसी वजह से वह राजनीतिक और गैर राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने यहां 23 बार आए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री संघ के नेता सेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी, पूर्व विधायक जगन्नाथ खन्ना, लाजकृष्ण गांधी, डा. पन्ना लाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, महेंद्र सचदेवा के बेहद करीबी रहे हैं।
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याद करते हैं पूर्व प्रधानमंत्री के भाषण
सहारनपुर। महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण को आज भी लोग याद करते हैं। उन्होंने चुनावी सभाओं में लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। वह बेहद ही सरल स्वभाव से भाषण देते हुए विपक्ष की खामियों को गिनवाते थे। इसी वजह से अटल बिहारी वाजपेयी हर किसी के लोकप्रिय नेता थे।