{"_id":"602abf988ebc3ee94422c85d","slug":"allegations-of-cutting-votes-from-voter-list-villagers-demonstrated-saharanpur-news-mrt5255480146","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदाता सूची से वोट काटने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदाता सूची से वोट काटने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
पंचायत चुनाव की मतदाता सूची सें नाम काटे जाने से खफा ग्रामीण
- फोटो : SAHARANPUR
तीतरो (सहारनपुर)। ग्राम सांगाठेड़ा के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बीएलओ पर एक समुदाय के प्रधान पद के उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के मकसद से मतदाता सूची से वोट काटे जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है।
गांव निवासी रोबिन, रूमा, रीना, अनुज कुमार, शालू, सुखदेई, कांता, ब्रह्मपाल, सचिन, रामकुमार, मनोज, नंदराम, साक्षी आदि ने गांव में प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बीएलओ को वोट बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज दिये थे। इसमें बीएलओ ने मतदाता सूची में समय से उनके नाम जोड़ने का आश्वासन भी दिया था। आरोप है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद जब ग्रामीणों ने बीएलओ को शिकायत की कि उनके नाम मतदाता सूची में नहीं है तो बीएलओ ने अपने कार्य को पूर्ण किये जाने का हवाला देते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायत करने की सलाह दी। ग्रामीणों ने इस मामले में उपजिलाधिकारी नकुड़ व एडीओ गंगोह को भी अवगत कराया, जहां उन्हें मतदाता सूची में उनके नाम जोड़ने का आश्वासन दिया गया था परंतु उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है कि एक समुदाय के प्रधान पद के उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के मकसद से उन्हें वोट के अधिकार से जान बूझकर वंचित रखा जा रहा है।
उधर, एसडीएम नकुड़ हिमांशु नागपाल का कहना है कि मतदाता सूची से वंचित रहे मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
गांव निवासी रोबिन, रूमा, रीना, अनुज कुमार, शालू, सुखदेई, कांता, ब्रह्मपाल, सचिन, रामकुमार, मनोज, नंदराम, साक्षी आदि ने गांव में प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बीएलओ को वोट बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज दिये थे। इसमें बीएलओ ने मतदाता सूची में समय से उनके नाम जोड़ने का आश्वासन भी दिया था। आरोप है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद जब ग्रामीणों ने बीएलओ को शिकायत की कि उनके नाम मतदाता सूची में नहीं है तो बीएलओ ने अपने कार्य को पूर्ण किये जाने का हवाला देते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायत करने की सलाह दी। ग्रामीणों ने इस मामले में उपजिलाधिकारी नकुड़ व एडीओ गंगोह को भी अवगत कराया, जहां उन्हें मतदाता सूची में उनके नाम जोड़ने का आश्वासन दिया गया था परंतु उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है कि एक समुदाय के प्रधान पद के उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के मकसद से उन्हें वोट के अधिकार से जान बूझकर वंचित रखा जा रहा है।
विज्ञापन
उधर, एसडीएम नकुड़ हिमांशु नागपाल का कहना है कि मतदाता सूची से वंचित रहे मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।