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नितिन को धमकाने का आरोप, साध्वी ने बताया बेबुनियाद
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एसएसपी कार्यालय पर शिकायत लेकर पहुंचा नितिन पंत
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। धर्मांतरण के मामले में सरकारी गवाह बने नितिन पंत ने साध्वी सविता जमुनादास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वह गवाही देने से उसे रोक रहीं हैं और पैसों का भी लालच दिया है। वहीं, साध्वी जमुनादास ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात कही है।
शहर में पांवधोई नदी के नजदीक स्थित श्री बालाजी घाट पर रह रहे नैनीताल निवासी नितिन पंत बुधवार को विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। जबरन धर्मांतरण मामले में एटीएस ने उन्हें गवाह बनाया है, क्योंकि उनका भी जबरन धर्मांतरण हुआ था। नितिन ने कहा कि साध्वी सविता जमुनादास मौलाना कलीम के खिलाफ गवाही न देने का दबाव बना रही हैं। उसे 50 लाख रुपये और सपा सरकार आने पर पद दिलाने का भी लालच दिया गया। ऐसा न करने पर उसे मारने की भी धमकी दी गई।
ठगी के पैसे मांगने पर कराई झूठी शिकायत : सविता
भारतीय नमो संघ की जिलाध्यक्ष साध्वी सविता जमुनादास का कहना है कि नितिन पंत को वह जानती तक नहीं हैं। निपुण भारद्वाज ने विश्व अखाड़ा परिषद का पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनाने के नाम पर उनसे 31 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र दिया गया। निपुण से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने नितिन के जरिए झूठी शिकायत कराई है। उनका परिवार आरएसएस से जुड़ा है। देश विरोधी गतिविधि के बारे में वह सोच भी नहीं सकती हैं। नितिन और निपुण के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया जाएगा।
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दान के लिए थे पैसे : निपुण
विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज का कहना है कि पद दिलवाने का कोई झांसा नहीं दिया, बल्कि गोशाला और भंडारे के लिए दान स्वरूप साध्वी सविता जमुनादास से 21 हजार रुपये लिए थे। उसकी रसीद भी दी गई थी। उन्होंने नितिन को गवाही देने से रोका जा रहा है, जिसकी शिकायत नितिन ने खुद एसएसपी से की है।
वर्जन
मामले की जांच सीओ प्रथम से कराई जा रही है। साध्वी सविता जमुनादास का भी पक्ष जाना जाएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी
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शहर में पांवधोई नदी के नजदीक स्थित श्री बालाजी घाट पर रह रहे नैनीताल निवासी नितिन पंत बुधवार को विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। जबरन धर्मांतरण मामले में एटीएस ने उन्हें गवाह बनाया है, क्योंकि उनका भी जबरन धर्मांतरण हुआ था। नितिन ने कहा कि साध्वी सविता जमुनादास मौलाना कलीम के खिलाफ गवाही न देने का दबाव बना रही हैं। उसे 50 लाख रुपये और सपा सरकार आने पर पद दिलाने का भी लालच दिया गया। ऐसा न करने पर उसे मारने की भी धमकी दी गई।
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ठगी के पैसे मांगने पर कराई झूठी शिकायत : सविता
भारतीय नमो संघ की जिलाध्यक्ष साध्वी सविता जमुनादास का कहना है कि नितिन पंत को वह जानती तक नहीं हैं। निपुण भारद्वाज ने विश्व अखाड़ा परिषद का पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनाने के नाम पर उनसे 31 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र दिया गया। निपुण से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने नितिन के जरिए झूठी शिकायत कराई है। उनका परिवार आरएसएस से जुड़ा है। देश विरोधी गतिविधि के बारे में वह सोच भी नहीं सकती हैं। नितिन और निपुण के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया जाएगा।
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दान के लिए थे पैसे : निपुण
विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज का कहना है कि पद दिलवाने का कोई झांसा नहीं दिया, बल्कि गोशाला और भंडारे के लिए दान स्वरूप साध्वी सविता जमुनादास से 21 हजार रुपये लिए थे। उसकी रसीद भी दी गई थी। उन्होंने नितिन को गवाही देने से रोका जा रहा है, जिसकी शिकायत नितिन ने खुद एसएसपी से की है।
वर्जन
मामले की जांच सीओ प्रथम से कराई जा रही है। साध्वी सविता जमुनादास का भी पक्ष जाना जाएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी