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सुप्रीम फैसले के तहत देश के सभी मदरसा बोर्डों को मिले संरक्षण : दारुल उलूम
Thu, 07 Nov 2024 10:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:51 PM IST
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देवबंद। इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने उत्तर प्रदेश मदरसा एक्ट-2004 पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत हिंदुस्तान के सभी मदरसा बोर्डों को भी प्रोटेक्शन (संरक्षण) मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को असांविधानिक घोषित करने वाले हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए इसे सांविधानिक करार दिया है। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जताते हुए इसका खुले दिल से स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि फैसले से राज्य के मदरसों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा हमेशा के लिए खत्म हो गया, साथ ही इससे मदरसा छात्रों का भविष्य भी तय हुआ है। ּ
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को असांविधानिक घोषित करने वाले हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए इसे सांविधानिक करार दिया है। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जताते हुए इसका खुले दिल से स्वागत किया है।
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उन्होंने कहा कि फैसले से राज्य के मदरसों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा हमेशा के लिए खत्म हो गया, साथ ही इससे मदरसा छात्रों का भविष्य भी तय हुआ है। ּ