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Saharanpur News: सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी के बाद नौ ठेकेदार समेत 20 पर केस दर्ज
Sat, 07 Sep 2024 11:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 07 Sep 2024 11:59 PM IST
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सहारनपुर। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और पार्षदों के बीच हुआ विवाद राजनीति का अखाड़ा बन गया। पार्षदों की तरफ से दी गई सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी के बाद भाजपा नेताओ को उनके समर्थन में आना पड़ा। जिसके बाद पार्षद की तहरीर पर आखिरकार छह दिन बाद पुलिस ने नौ ठेकेदार नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
यह था मामला
दरअसल, वार्ड-13 में वाल्मीकि मंदिर की बरसात में गिरी दीवार को बनवाने को लेकर स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह से मांग कर रहे थे। अधिशासी अभियंता पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षदों ने 29 अगस्त को अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। नौबत हाथापाई तक आ गई थी। ठेकेदार भी बीच में आ गए थे। इसके बाद अधिशासी अभियंता की ओर से थाना जनकपुरी में 29 अगस्त की रात ही तीन पार्षद अमित त्यागी, राजेंद्र सिंह कोहली, दीपक रहेजा और 40 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। 30 अगस्त को कई विभागों के अभियंता लामबंद हो गए थे। साथ ही लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने भी विरोध जताया था। केस दर्ज होने और अभियंताओं की लामबंदता के बाद पार्षद सक्रिय हुए और महापौर डॉ. अजय कुमार से वार्ता कर क्रॉस केस कराने की मांग की।
भाजपा नेताओं और पार्षदों के बीच हुई कई बैठकें
मामला तूल पकड़ने पर पार्षदों ने सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी दे दी थी। जिसके बाद इस प्रकरण में लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह से लेकर महापौर और विधायक भी कूद पड़े थे। पार्षदों की इस चेतावनी के बाद लगातार भाजपा नेताओं के साथ पार्षदों की कई बैठकें हुई। महापौर ने बयान भी दिया था कि पार्षदों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 31 अगस्त को महापौर डॉ. अजय कुमार पार्षदों को साथ लेकर एसएसपी से मिले थे। नीरज कुमार की ओर से थाना जनकपुरी में तहरीर दी गई थी। दो दिन तक राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते मामला शांत रहा। शुक्रवार देर रात नौ ठेकेदार नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
जिन नौ ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। उनमें नरेश त्यागी, हिमांशु कात्याल, धनपाल राणा, इरशाद, सुनीत, विक्रांत त्यागी, संजय शर्मा, अमित त्यागी पुत्र अक्षय त्यागी, राकेश राणा शामिल हैं। इनके अलावा 15 से 20 अज्ञात भी शामिल हैं। इन पर जातिसूचक शब्द और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
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यह था मामला
दरअसल, वार्ड-13 में वाल्मीकि मंदिर की बरसात में गिरी दीवार को बनवाने को लेकर स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह से मांग कर रहे थे। अधिशासी अभियंता पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए भाजपा पार्षदों ने 29 अगस्त को अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। नौबत हाथापाई तक आ गई थी। ठेकेदार भी बीच में आ गए थे। इसके बाद अधिशासी अभियंता की ओर से थाना जनकपुरी में 29 अगस्त की रात ही तीन पार्षद अमित त्यागी, राजेंद्र सिंह कोहली, दीपक रहेजा और 40 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। 30 अगस्त को कई विभागों के अभियंता लामबंद हो गए थे। साथ ही लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने भी विरोध जताया था। केस दर्ज होने और अभियंताओं की लामबंदता के बाद पार्षद सक्रिय हुए और महापौर डॉ. अजय कुमार से वार्ता कर क्रॉस केस कराने की मांग की।
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भाजपा नेताओं और पार्षदों के बीच हुई कई बैठकें
मामला तूल पकड़ने पर पार्षदों ने सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी दे दी थी। जिसके बाद इस प्रकरण में लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह से लेकर महापौर और विधायक भी कूद पड़े थे। पार्षदों की इस चेतावनी के बाद लगातार भाजपा नेताओं के साथ पार्षदों की कई बैठकें हुई। महापौर ने बयान भी दिया था कि पार्षदों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 31 अगस्त को महापौर डॉ. अजय कुमार पार्षदों को साथ लेकर एसएसपी से मिले थे। नीरज कुमार की ओर से थाना जनकपुरी में तहरीर दी गई थी। दो दिन तक राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते मामला शांत रहा। शुक्रवार देर रात नौ ठेकेदार नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
जिन नौ ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। उनमें नरेश त्यागी, हिमांशु कात्याल, धनपाल राणा, इरशाद, सुनीत, विक्रांत त्यागी, संजय शर्मा, अमित त्यागी पुत्र अक्षय त्यागी, राकेश राणा शामिल हैं। इनके अलावा 15 से 20 अज्ञात भी शामिल हैं। इन पर जातिसूचक शब्द और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।