सहारनपुर। एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि निर्यातक अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए उत्पादों के नवीनतम डिजाइन अपनाएं। उन्होंने कहा कि नए उत्पादों को पूर्वानुमानों के अनुसार विकसित किया जाए। इससे निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अंबाला रोड स्थित एक सभागार में निर्यातकों के लिए जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। महानिदेशक ने जनपद में कलस्टर विकास की पहल के लिए सहारनपुर वुड कार्विंग मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को हस्तशिल्प व्यवसाय में शामिल किया जाए। क्योंकि युवाओं के पास नए विचार हैं। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने जनपद से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने में ईपीसीएस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलस्टर के मुख्य द्वार का नाम महानिदेशक के अथक प्रयासों को ध्यान में रखते हुए उनके नाम पर रखा जाए। उनका समर्थन निर्यातक रामजी सुनेजा ने किया। अध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा ने कहा कि सहारनपुर देश के महत्वपूर्ण लकडी हस्तशिल्प समूहों में से एक है। जिसका निर्यात करीब एक हजार करोड रुपये का है। उन्होंने कहा कि इसके निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। बेहतर डिजाईन और उत्पादों से आने वाले वर्षों में निर्यात के कई गुणा बढ़ सकता है। शिशिर संदीपन, अमला श्रीवास्तव आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान अवधेश अग्रवाल, मोहम्मद औसाफ, इरफानउल हक, रामजी सुनेजा, नजमुल इस्लाम, मोहित चोपड़ा, शिराज अल्वी, प्रमोद मिगलानी, परविंदर सिंह, राकेश गांधी, अनवार अहमद, सुनील सैनी, साजिद हन्फी, फजले इलाही, राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।