UP: देवबंद से शायरा का वीडियो वायरल, मोहतमिम बोले-मुशायरे में गए दारुल उलूम के छात्र तो होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मुशायरे का वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि इसमें मदरसे के छात्र भी शामिल हुए हैं। वहीं वायरल वीडियो पर मोहतमिम ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। वहीं उन्होंने फलस्तीन के यतीम बच्चों को लेकर चर्चा पर से भी पर्दा उठाया।
विस्तार
देवबंद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक मुशायरे की वीडियो चर्चा का विषय बन गई। इस वीडियो में एक शायरा शेर पढ़ रही है और मदरसा छात्रों जैसे दिखने वाले कुछ लोग इसमें खूब शोर मचा रहे हैं। लखनऊ के प्रसिद्ध आलिम मौलाना सज्जाद नौमानी ने भी इसकी कड़ी निंदा करते हुए तालीम और तरबियत पर सवाल खड़े किए हैं।
पूरे मामले में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी का कहना है कि इस मुशायरे से दारुल उलूम का कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि देवबंद का माहौल इस तरह का है कि यहां हर दाढ़ी-टोपी वाला शख्स तालिब इल्म (छात्र) लगता है और यहां के रहने वाले बहुत सारे लोग मौलवी हैं। उससे ज्यादा संख्या उन लोगों की है जो मौलवीनुमा है। इसलिए यह कहना कि शोर मचा रहे लोग मदरसा छात्र हैं यह जल्दबाजी है। मौलाना अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि फिर भी जांच कराई जाएगी। दि इस मुशायरे में दारुल उलूम का कोई छात्र शामिल पाया जाता है तो उसके कार्रावाई की जाएगी।
उधर, फलस्तीन के यतीम बच्चों का दारुल उलूम में लाए जाने पर कहा कि यह महज कोरी अफवाह है। कोई भी इस अफवाह पर ध्यान न दें। यह केवल दारुल उलूम को बदनाम करने की साजिश है। दरअसल, किसी ने अफवाह उड़ा दी थी कि फलस्तीन के यतीम बच्चों को यहां पर लाया गया है।
यह था मामला
दो नवंबर को नगर के महमूद हाल में रात्रि के समय बागपत के रहने वाले जिया नामक शायर के सम्मान में एक मुशायरे का आयोजन किया गया था। जिसमें कुछ महिला शायर भी बुलाई गईं थी। इस दौरान काफी संख्या में वहां लोग इकट्ठा हुए। जिन्होंने महिला शायर के शेरों पर जमकर शोर मचाया।
किसी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसी को लेकर लखनऊ के प्रसिद्ध आलिम मौलाना सज्जाद नौमानी ने शोर मचाने वालों को मदरसा छात्र बताया और मदरसों की तरबियत पर सवाल खड़े किए थे।
देखें वीडियो: