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लापरवाही करने पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 17 Jul 2016 01:16 AM IST
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जिला अस्पताल के कर्मचारियों का अमानवीय चेहरा सामने आया है। एक महिला को संक्रमण वार्ड में कर्मचारियों ने लावारिस छोड़ दिया। चार दिन तक महिला जमीन में पड़ी तड़पती रही।
उपचार करना तो दूर किसी ने उसके पास जाकर भी नहीं देखा। मामला सार्वजनिक हुआ और प्रमुख सचिव तक पहुंचा तब जाकर जिला अस्पताल प्रशासन की नींद टूटी। प्रमुख सचिव ने अपर निदेशक को मामले की जांच के आदेश दिए है।
एक सप्ताह पूर्व 108 एंबुलेंस एक महिला को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल कर्मचारियों ने मामला संक्रमण का बताकर संक्रमण वार्ड में भेज दिया। संक्रमण वार्ड में भेजने के बाद महिला की न किसी चिकित्सक ने और न किसी कर्मचारी ने सुध ली।
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जिससे महिला की हालत ओर बिगड़ गई। अमानवीयता की हद तो यह हो गई कि महिला बेड से नीचे गिर गई तो चार दिन तक जमीन पर ही पड़ रही। किसी भी कर्मचारी ने उसे जमीन से उठाकर बेड पर लिटाने तक की जहमत नहीं उठाई।
महिला की हालत इतनी खराब बतायी जा रही है कि वह अभी तक अपनी पहचान तक नहीं बता पा रही है। कर्मचारियों की इस अमानवीयता पूर्ण लापरवाही का मामला सोशल मीडिया के जरिए प्रमुख सचिव तक जा पहुंचा। इस पर प्रमुख सचिव ने मामले में गंभीरता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक को जांच के आदेश दिये है।
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उपचार करना तो दूर किसी ने उसके पास जाकर भी नहीं देखा। मामला सार्वजनिक हुआ और प्रमुख सचिव तक पहुंचा तब जाकर जिला अस्पताल प्रशासन की नींद टूटी। प्रमुख सचिव ने अपर निदेशक को मामले की जांच के आदेश दिए है।
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एक सप्ताह पूर्व 108 एंबुलेंस एक महिला को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल कर्मचारियों ने मामला संक्रमण का बताकर संक्रमण वार्ड में भेज दिया। संक्रमण वार्ड में भेजने के बाद महिला की न किसी चिकित्सक ने और न किसी कर्मचारी ने सुध ली।
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जिससे महिला की हालत ओर बिगड़ गई। अमानवीयता की हद तो यह हो गई कि महिला बेड से नीचे गिर गई तो चार दिन तक जमीन पर ही पड़ रही। किसी भी कर्मचारी ने उसे जमीन से उठाकर बेड पर लिटाने तक की जहमत नहीं उठाई।
महिला की हालत इतनी खराब बतायी जा रही है कि वह अभी तक अपनी पहचान तक नहीं बता पा रही है। कर्मचारियों की इस अमानवीयता पूर्ण लापरवाही का मामला सोशल मीडिया के जरिए प्रमुख सचिव तक जा पहुंचा। इस पर प्रमुख सचिव ने मामले में गंभीरता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक को जांच के आदेश दिये है।