हादसा: चीखों से गूंज उठा बस स्टैंड, डंपर की टक्कर से तीन जिंदगियां खत्म, घर का इकलौता चिराग था लक्की
सहारनपुर जनपद के गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर नागल बस स्टैंड के पास बाइक सवार तीन छात्रों को बचाने के प्रयास में खनन से भरा डंपर अनियंत्रित हो गया। हादसे में दो छात्राें सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए।
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सहारनपुर जनपद में गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर नागल में बस स्टैंड के निकट शनिवार सुबह रोजाना की तरह सुबह कुछ ठीकठाक था। लोग बस स्टैंड के नजदीक नौकरी और अन्य कार्यों पर जाने के लिए सर्विस रोड पर बसों का इंतजार कर रहे थे। तभी नौ बजे बस स्टैंड के निकट अचानक चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई।
गागलहेड़ी की तरफ से आया खनन से भरा ओवरलोड डंपर बाइक सवार छात्र नोमान और लक्की को कुचलते हुए सर्विस रोड पर जा घुसा। यहां बस के इंतजार में खड़े अज्ञात व्यक्ति को भी डंपर ने कुचल दिया। इनके अलावा दोनों छात्रों के साथी मोंटी, गुलबहार, सुमित को भी डंपर ने चपेट में ले लिया, जो घायल हुए। हादसे के दौरान चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
ग्रामीणों में फैला आक्रोश, दिया धरना, पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही एक घंटे धरना दिया और हाईवे पर 10 मिनट को सांकेतिक जाम लगाया। इसको लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। ग्रामीणों की मांग थी कि इस जगह पर ओवरब्रिज बनाया जाए।
एसपी देहात और एसडीएम देवबंद मौके पर पहुंचे। इनके पश्चात विधायक देवेंद्र निम, बसपा नेता माजिद अली और जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी के अनुज विजेंद्र चौधरी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर डंपर चालक व परिचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ ही उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीण धरने से उठे।
छात्र लक्की, नोमान और मोंटी थे दोस्त
हादसे में लक्की और नोमान की जान चली गई, जबकि मोंटी घायल हुआ। लक्की, नोमान और मोंटी दोस्त थे। ये तीनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और कक्षा 12 के छात्र थे। पुलिस के मुताबिक, तीनों एक बाइक से ट्यूशन से सुबह वापस लौट रहे थे।
घर का इकलौता चिराग था लक्की, परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल
जैनपुर निवासी लक्की परिवार का इकलौता चिराग था। उसकी एक छोटी बहन है। लक्की की मौत से परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल है, जबकि नोमान का एक छोटा भाई और एक बहन है। इनकी मौत से जहां परिवार में कोहराम मचा है, वहीं ग्रामीण भी गमजदा हैं।
बेरोकटोक दौड़ रहे खनन से भरे ओवलोड वाहन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। खनन से भरे ओवरलोड वाहन रोजाना यहां से गुजरते हैं। इन पर रोक लगाए जाने की भी मांग कर चुके हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसी का नतीजा यह है कि शनिवार को दो छात्रों सहित तीन की मौत हो गई।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार की शाम लक्की का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। वहीं, देर रात नोमान के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। दोनों की मौत से ग्रामीण गमजदा हैं।