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सहारनपुर: दिव्यांग पति के साथ पड़ोसी के घर रहने को मजबूर महिला
Thu, 19 Nov 2020 09:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2020 09:47 PM IST
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बेरखेडी मुसलमान में महिला के गिरे मकान की जांच करते ब्लाक अधिकारी (फाइल फोटो)
- फोटो : SAHARANPUR
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बरसात के सीजन में मकान गिर जाने के चलते गांव बेरखेड़ी निवासी महिला अपने दिव्यांग पति के साथ पड़ोसी के घर में आसरा लेने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के ग्राम बेरखेड़ी मुसलमान कमलेश कश्यप प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वह अपने दिव्यांग पति श्यामवीर के साथ गांव में मजूदरी कर परिवार चला रही है। उसके दोनो बच्चें भी मजदूरी करते हैं।
कमलेश ने बताया कि गांव के लोगों की कोशिशों के बाद ब्लॉक के कर्मचारी उसके गिरे पड़े मकान का मौका मुआयना तो किया लेकिन मकान बनने की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो पायी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने बताया कि मकानों की सूची में उसके नाम की संस्तुति की गई है परन्तु अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है।
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उधर, बीडीओ वीके तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार से भी आवासों का आवंटन नहीं हुआ है। सर्वे ब्लॉक व जनपद स्तर से कराया गया है। सूची में नाम होने पर योजना का लाभ मिल पाएगा। अभी तक महिला ने आवेदन नहीं किया तो ब्लॉक मुख्यालय आकर लिखित में दे। उसकी जांच के उपरांत नाम आवास योजना के लिए भेज दिया जाएगा।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
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क्षेत्र के ग्राम बेरखेड़ी मुसलमान कमलेश कश्यप प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वह अपने दिव्यांग पति श्यामवीर के साथ गांव में मजूदरी कर परिवार चला रही है। उसके दोनो बच्चें भी मजदूरी करते हैं।
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कमलेश ने बताया कि गांव के लोगों की कोशिशों के बाद ब्लॉक के कर्मचारी उसके गिरे पड़े मकान का मौका मुआयना तो किया लेकिन मकान बनने की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो पायी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने बताया कि मकानों की सूची में उसके नाम की संस्तुति की गई है परन्तु अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है।
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उधर, बीडीओ वीके तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार से भी आवासों का आवंटन नहीं हुआ है। सर्वे ब्लॉक व जनपद स्तर से कराया गया है। सूची में नाम होने पर योजना का लाभ मिल पाएगा। अभी तक महिला ने आवेदन नहीं किया तो ब्लॉक मुख्यालय आकर लिखित में दे। उसकी जांच के उपरांत नाम आवास योजना के लिए भेज दिया जाएगा।
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