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सीएम के फर्जी ओएसडी गिरफ्तार

Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
Saharanpur
Saharanpur Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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सहारनपुर। मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले युवकों के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों को लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपी पहले भी अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के मामले में जेल जा चुके हैं।
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चार सितंबर 2014 को मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी गजेंद्र सिंह के नाम का दुरुपयोग कर एक व्यक्ति ने डीएम के कैंप कार्यालय में फोन किया। इसमें उसने सहायक महानिरीक्षक निबंधन को तत्काल फोन करने को कहा। कैंप कार्यालय से एजी स्टांप निरंजन कुमार को जानकारी दी गई और नंबर भी नोट कराया गया। इस दौरान बातचीत में उस व्यक्ति ने उप निबंधकों की जानकारी मांगी और उनसे बात करने के लिए कहा। ओएसडी के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति ने मिलते रहने पर मदद का आश्वासन भी दिया। बृहस्पतिवार को डीएम के कैंप कार्यालय से सहायक महानिरीक्षक को बताया गया कि जो व्यक्ति खुद को विशेष कार्य अधिकारी के रूप में बात कर रहा है, वह फर्जी है। गजेंद्र सिंह मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी हैं, मगर जो व्यक्ति फोन कर रहा है वह उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है। इसके बाद सदर थाने में तहरीर दी गई। मुख्यमंत्री के ओएसडी के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल इस मामले में जांच शुरू कर दी। उन व्यक्तियों के नंबर सर्विलांस में लेकर जांच की गई और तत्काल लखनऊ पुलिस से संपर्क किया। अधिकारियों ने बताया कि दो युवकों को लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही इटावा के रहने वाले हैं और पहले भी ऐसे ही फर्जीवाड़े में जेल जा चुके हैं।
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अधिकारियों को करते थे टारगेट
लखनऊ में गिरफ्तार हुए दोनों ही युवक शातिर हैं। अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर ये पहले भी ऐसा कर चुके हैं। प्राथमिक जांच में पाया गया कि किसी भी अधिकारी को टारगेट करने के लिए उसकी कमियां तलाश करते हैं। इसके बाद उसकी शिकायतों का हवाला देकर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। दोनों ही इतने शातिर हैं कि पहले डीएम कार्यालय फोन किया था और उसके बाद अधिकारियों को टारगेट किया था।
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पहले भी जा चुके हैं जेल
प्राथमिक जांच में पाया गया कि लखनऊ में गिरफ्तार दोनों युवक चार जनवरी 2014 को ऐसे ही फर्जीवाड़े में जेल जा चुके हैं। इटावा के बजाजा मोहल्ला के रहने वाले युवक पढ़े लिखे हैं। यही कारण है कि अधिकारियों को गच्चा देने में वे कामयाब हो जाते हैं।

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मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करने वाले युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अगर किसी अधिकारी के पास ऐसा कोई फोन आए तो पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। यह बात समझनी होगी कि मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारी कभी फर्जी बात नहीं करेंगे।
-डा. इंद्रवीर सिंह यादव, जिलाधिकारी
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