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रजवाहे की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न
Saharanpur
Updated Mon, 15 Apr 2013 05:30 AM IST
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पठेड़/चिलकाना। गांव दभेड़ा कलां के निकट स्थित रजवाहे की पटरी टूटने से दो गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई। जलभराव से खेतों में तैयार गेहूं और गन्ने की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है।
पूर्वी यमुना नहर के खारा कैनाल से निकलने वाले टांडा रजवाहे की पटरी शनिवार को टूटने से पानी गांव दभेड़ा कलां के खेतों में भरने लगा। देखते ही देखते रजवाहे के आसपास के सभी खेत जलमग्न हो गए, जिससे इनमें तैयार खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ताजा बोई गई गन्ने की फसल भी इससे प्रभावित हुई है। गांव दभेडा निवासी कामिल, मोहम्मद हसन, सुखदास, चोहल सिंह, हाजी इमरान, यूसुफ, वकील, सामा, असलम, अलीबाज, मुरसलीन, हाजी मुकीम, सूफी जुलफान और गांव पचकुआं के प्रवीन कुमार, ओम कुमार और ओमपाल के खेतों में पानी भर गया है। खेतों के अलावा गांव दभेड़ा की दलित बस्ती में भी पानी भर गया। ग्रामीणों ने हलका लेखपालों को पटरी टूटने की सूचना दी, लेकिन देर रात तक पानी का बहाव बंद नहीं किया जा सका।
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पूर्वी यमुना नहर के खारा कैनाल से निकलने वाले टांडा रजवाहे की पटरी शनिवार को टूटने से पानी गांव दभेड़ा कलां के खेतों में भरने लगा। देखते ही देखते रजवाहे के आसपास के सभी खेत जलमग्न हो गए, जिससे इनमें तैयार खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। ताजा बोई गई गन्ने की फसल भी इससे प्रभावित हुई है। गांव दभेडा निवासी कामिल, मोहम्मद हसन, सुखदास, चोहल सिंह, हाजी इमरान, यूसुफ, वकील, सामा, असलम, अलीबाज, मुरसलीन, हाजी मुकीम, सूफी जुलफान और गांव पचकुआं के प्रवीन कुमार, ओम कुमार और ओमपाल के खेतों में पानी भर गया है। खेतों के अलावा गांव दभेड़ा की दलित बस्ती में भी पानी भर गया। ग्रामीणों ने हलका लेखपालों को पटरी टूटने की सूचना दी, लेकिन देर रात तक पानी का बहाव बंद नहीं किया जा सका।
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