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नगर आयुक्त और पांवधोई समिति ने किया नदी का निरीक्षण
Saharanpur
Updated Sat, 23 Mar 2013 05:31 AM IST
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सहारनपुर। विश्व जल दिवस पर ऐतिहासिक धरोहर पांवधोई को निर्मल बनाने का अभियान एक बार फिर शुरू हो गया। संकल्प लिया गया है कि सरकारी मशीनरी और जनमानस के सहयोग से अभियान को सफल बनाया जाएगा। शुक्रवार को नगर आयुक्त नीरज शुक्ला और पांवधोई बचाव समिति की टीम ने नदी का निरीक्षण किया। टीम सबसे पहले धोबीघाट गई। वहां नगर आयुक्त ने नदी में मिल रहे नाले के बारे में जानकारी ली और इसे रोकने के लिए स्थायी विकल्प तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम ने काली मंदिर, माधव वाटिका की ओर पांवधोई का निरीक्षण किया। नदी में उग आई बड़ी घास की कटाई और सफाई के निर्देश दिये गये। पूर्व में यहां होने वाली आरती को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे लोगाें को धार्मिक भावनाओं के साथ नदी को जोड़ा जा सके।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने नदी के पानी का नमूना लिया। जिसमें आक्सीजन की घुलनशीलता की जांच की जाएगी। यदि यह पॉजिटिव रही तो नदी में मछलियां छोड़ी जाएंगी। निरीक्षण में पांवधोई बचाव समिति के डा. एसके उपाध्याय, डा. वीरेंद्र आजम, कुलभूषण जैन, एसी पपनेजा, आमिर खान और नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग और सफाईकर्मियों का स्टाफ भी शामिल रहा।
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योजना
- नदी में गिरने वाले नालों पर रोक लगाई जाएगी, स्थायी होगी व्यवस्था
- धोबीघाट-काली मंदिर के बीच होने वाली आरती दोबारा शुरू होगी
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा पानी की जांच, ताकि मछलियां छोड़ी जा सके
- स्कूलों और संगठनों को देखरेख के लिए नदी के हिस्से दिये जाएंगे गोद
- पौधरोपण से नदी के किनारे होंगे हरे भरे, सरकारी विभाग करेंगे मदद
- पांवधोई की नियमित सफाई के लिए नगर निगम करेगा व्यवस्था
पूछे सवाल, दें सुझाव
पांवधोई को बचाने के लिए शुरू हो रहे अभियान में आप भी जुड़ सकते हैं। शहर के बीच से होकर गुजरने वाली यह निर्मल धारा हमेशा कैसे स्वच्छ रहे। इस पर सवाल और सुझाव लिखकर अमर उजाला को भेज सकते हैं। पता : अमर उजाला कार्यालय, जैन कॉलेज रोड, निकट डीआईजी ऑफिस। मोबाइल नंबर 8859106064 पर एसएमएस भी कर सकते हैं।
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इसके बाद टीम ने काली मंदिर, माधव वाटिका की ओर पांवधोई का निरीक्षण किया। नदी में उग आई बड़ी घास की कटाई और सफाई के निर्देश दिये गये। पूर्व में यहां होने वाली आरती को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे लोगाें को धार्मिक भावनाओं के साथ नदी को जोड़ा जा सके।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने नदी के पानी का नमूना लिया। जिसमें आक्सीजन की घुलनशीलता की जांच की जाएगी। यदि यह पॉजिटिव रही तो नदी में मछलियां छोड़ी जाएंगी। निरीक्षण में पांवधोई बचाव समिति के डा. एसके उपाध्याय, डा. वीरेंद्र आजम, कुलभूषण जैन, एसी पपनेजा, आमिर खान और नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग और सफाईकर्मियों का स्टाफ भी शामिल रहा।
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योजना
- नदी में गिरने वाले नालों पर रोक लगाई जाएगी, स्थायी होगी व्यवस्था
- धोबीघाट-काली मंदिर के बीच होने वाली आरती दोबारा शुरू होगी
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा पानी की जांच, ताकि मछलियां छोड़ी जा सके
- स्कूलों और संगठनों को देखरेख के लिए नदी के हिस्से दिये जाएंगे गोद
- पौधरोपण से नदी के किनारे होंगे हरे भरे, सरकारी विभाग करेंगे मदद
- पांवधोई की नियमित सफाई के लिए नगर निगम करेगा व्यवस्था
पूछे सवाल, दें सुझाव
पांवधोई को बचाने के लिए शुरू हो रहे अभियान में आप भी जुड़ सकते हैं। शहर के बीच से होकर गुजरने वाली यह निर्मल धारा हमेशा कैसे स्वच्छ रहे। इस पर सवाल और सुझाव लिखकर अमर उजाला को भेज सकते हैं। पता : अमर उजाला कार्यालय, जैन कॉलेज रोड, निकट डीआईजी ऑफिस। मोबाइल नंबर 8859106064 पर एसएमएस भी कर सकते हैं।