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मानदेय न बढ़ाने पर 108 एंबुलेंस सेवाएं बंद रहीं
Saharanpur
Updated Fri, 08 Mar 2013 05:30 AM IST
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सहारनपुर। जिले में हादसों में गंभीर रूप से घायल या गंभीर बीमारी से बेहाल मरीजों को आसपास के सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने वाली 108 एंबुुलेंस सेवाएं बृहस्पतिवार को बंद रहीं। इन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने मानदेय न बढ़ाए जाने के कारण काम नहीं किया। इसके चलते गंभीर रोगी इन एंबुलेंस वाहनों से नहीं पहुंचे।
एंबुलेंस को जिला अस्पताल में खड़ी कर काम बंद करने वाले कर्मचारियाें ने कहा कि इस समय उनका मानदेय 4750 रुपये प्रतिमाह है। सेवा शुरू होने के साथ ही उन्हें आश्वस्त किया गया था कि छह माह बाद मानदेय बढ़ाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय 108 नंबर वाली 13 एंबुलेंस सेवाएं दे रहीं हैं। इनमें रोजाना 50 से 60 मरीजों को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया जाता है।
इन सेवाओं का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के उन मरीजों को मिलता है जिनके पास अस्पताल तक पहुंचने के लिए न तो उचित परिवहन साधन हैं और न ही खर्च करने को अधिक पैसे। एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि अब वे अपने सुपरवाइजर से बात कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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एंबुलेंस सेवाओं का संबंध सीधे लखनऊ से
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आरपी शर्मा का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवाओं का संबंध सीधे लखनऊ के कॉल सेंटर से है। यहां तो एंबुलेंस वाले गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक लाते हैं। इनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए इनके अपने सुपरवाइजर हैं।
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एंबुलेंस को जिला अस्पताल में खड़ी कर काम बंद करने वाले कर्मचारियाें ने कहा कि इस समय उनका मानदेय 4750 रुपये प्रतिमाह है। सेवा शुरू होने के साथ ही उन्हें आश्वस्त किया गया था कि छह माह बाद मानदेय बढ़ाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय 108 नंबर वाली 13 एंबुलेंस सेवाएं दे रहीं हैं। इनमें रोजाना 50 से 60 मरीजों को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया जाता है।
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इन सेवाओं का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के उन मरीजों को मिलता है जिनके पास अस्पताल तक पहुंचने के लिए न तो उचित परिवहन साधन हैं और न ही खर्च करने को अधिक पैसे। एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि अब वे अपने सुपरवाइजर से बात कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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एंबुलेंस सेवाओं का संबंध सीधे लखनऊ से
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आरपी शर्मा का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवाओं का संबंध सीधे लखनऊ के कॉल सेंटर से है। यहां तो एंबुलेंस वाले गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक लाते हैं। इनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए इनके अपने सुपरवाइजर हैं।