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लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 94060 वादों का निस्तारण
अमर उजाला / ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Sun, 13 Nov 2016 01:39 AM IST
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सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 94060 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला न्यायाधीश उमेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायिक, प्रशासनिक न्यायालयों एवं बैंक के पिलिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। नोडल अधिकारी अपर जिला जज रविकांत रस्तोगी एवं प्रभारी सचिव सीजेएम बृजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि न्यायिक अधिकारी ओपी त्रिपाठी के 4, अमित पाल सिंह के 35, अय्याज अहमद के 3, मुकेश कुमार सिंघल के 18, संजय कुमार के 176, नरेंद्र बहादुर प्रसाद के 6, ज्ञान प्रकाश के 3, रविकांत के 10, सभाजीत यादव के 5, दीपा राय के 5, बृजेंद्र कुमार पांडेय के 1018 एवं 88780 रुपये अर्थदंड, पारुल वर्मा के 10 एवं 4650 रुपये अर्थदंड, अजय कुमार एसीजेएम तृतीय के 193 वाद एवं 20070 रुपये अर्थदंड, डाक्टर मोहम्मद इलियास एसीजेएम द्विती के 189 वाद एवं 32500 रुपये अर्थदंड, रजनेश कुमार के 39 वाद एवं 5000 अर्थदंड, निर्दोष कुमार के 18, सुरेंद्र प्रसाद के 55 एवं बीबी गर्ग के 4 वाद एवं 6600 अर्थदंड प्राप्त हुआ।
देवबंद के न्यायालयों में रामनेत के 143 वाद एवं 21300 अर्थदंड तथा सत्यपाल सिंह प्रेमी के 38 वाद एवं 5400 अर्थदंड प्राप्त हुआ।
कुल 91909 निस्तारित वादों में सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी, उप श्रमायुक्त, उप निदेशक कृषि, जिला पूर्ति अधिकारी, भूमि अध्यापित अधिकारी, नगर निगम का सहयोग रहा। सबसे अधिक वाद जिला पूर्ति अधिकारी एवं उप निदेशक कृषि के न्यायालयों से हुए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के न्यायाधीश से अमित पाल सिंह ने कई मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उनको साथ-साथ भेजा। राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने सिविल एवं फौजदारी वाद काफी संख्या में निस्तारित हुए। बैंकों के भी 179 वाद निस्तारित हुए जिसमें 10885116 रुपये वसूल किए गए।
मजिस्ट्रेट न्यायालयों में 184270 रुपये अर्थदंड वूसला गया। 21 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद भी निस्तारित हुए एवं पीड़ित परिवार को 75 लाख से अधिक की राशि दिलाई गई।
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जिला न्यायाधीश उमेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायिक, प्रशासनिक न्यायालयों एवं बैंक के पिलिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। नोडल अधिकारी अपर जिला जज रविकांत रस्तोगी एवं प्रभारी सचिव सीजेएम बृजेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि न्यायिक अधिकारी ओपी त्रिपाठी के 4, अमित पाल सिंह के 35, अय्याज अहमद के 3, मुकेश कुमार सिंघल के 18, संजय कुमार के 176, नरेंद्र बहादुर प्रसाद के 6, ज्ञान प्रकाश के 3, रविकांत के 10, सभाजीत यादव के 5, दीपा राय के 5, बृजेंद्र कुमार पांडेय के 1018 एवं 88780 रुपये अर्थदंड, पारुल वर्मा के 10 एवं 4650 रुपये अर्थदंड, अजय कुमार एसीजेएम तृतीय के 193 वाद एवं 20070 रुपये अर्थदंड, डाक्टर मोहम्मद इलियास एसीजेएम द्विती के 189 वाद एवं 32500 रुपये अर्थदंड, रजनेश कुमार के 39 वाद एवं 5000 अर्थदंड, निर्दोष कुमार के 18, सुरेंद्र प्रसाद के 55 एवं बीबी गर्ग के 4 वाद एवं 6600 अर्थदंड प्राप्त हुआ।
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देवबंद के न्यायालयों में रामनेत के 143 वाद एवं 21300 अर्थदंड तथा सत्यपाल सिंह प्रेमी के 38 वाद एवं 5400 अर्थदंड प्राप्त हुआ।
कुल 91909 निस्तारित वादों में सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी, उप श्रमायुक्त, उप निदेशक कृषि, जिला पूर्ति अधिकारी, भूमि अध्यापित अधिकारी, नगर निगम का सहयोग रहा। सबसे अधिक वाद जिला पूर्ति अधिकारी एवं उप निदेशक कृषि के न्यायालयों से हुए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के न्यायाधीश से अमित पाल सिंह ने कई मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उनको साथ-साथ भेजा। राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने सिविल एवं फौजदारी वाद काफी संख्या में निस्तारित हुए। बैंकों के भी 179 वाद निस्तारित हुए जिसमें 10885116 रुपये वसूल किए गए।
मजिस्ट्रेट न्यायालयों में 184270 रुपये अर्थदंड वूसला गया। 21 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद भी निस्तारित हुए एवं पीड़ित परिवार को 75 लाख से अधिक की राशि दिलाई गई।