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ढाई दशक का टूटा रिकार्ड, बारिश ने किया बेहाल
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सहारनपुर में हुई बरसात के बाद अपने कार्य को जाते लोग
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मार्च के महीने में बारिश ने 25 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। आधे मार्च तक इंद्रदेव इस कदर बीते ढाई दशकों में कभी नहीं बरसे। बारिश और ओलावृष्टि ने सर्दी के प्रकोप के समय को और बढ़ा दिया है। ढाई दशक में सारे रिकार्ड तोड़ते हुए शनिवार तक 94 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
मार्च के मौसम में सर्दी की विदाई हो जाती है। सर्दी का यदि अहसास भी होता है तो सुबह की गुलाबी ठंड के माफिक। लेकिन अबकी मार्च का आधा महीना गुजरने को है और स्वेटर और जैकेट तक इंसान उतार नहीं पा रहा है। मौसम वैधशाला के रिकार्ड पर बात करें तो पच्चीस सालों में इतनी बारिश आधे मार्च तक नहीं हुई। आंकड़े बताते हैं कि मौसम के बदले मिजाज और उलट-पुलट मौसम ने सबको हैरान-परेशान कर दिया है। किसान फसलों के नुकसान से परेशान हैं तो इंसान भी मौसम के इस मिजाज से बीमार हो रहे हैं। मौसम वैधशाला से मिले आंकड़ों के मुताबिक शनिवार तक 94 एमएम बारिश रिकार्ड किया गया है और यह मार्च के आधे महीने तक का पच्चीस सालों का रिकार्ड तोड़ चुका है। मौसम वैधशाला की ओर से यह संकेत अभी दिया गया है कि बारिश का एक-दो दिन का दौर कभी तेज और कभी रुक रुक कर चल सकता है।
मार्च के आधे महीने तक दस साल में हुई बारिश के आंकड़े
साल वर्षा मिमी
2010 0.0
2011 6.0
2012 4.5
2013 3.0
2014 35
2015 22
2016 24
2017 68
2018 5.0
2019 3.0
2020 94
वर्ष 2014 में करीब 35 एमएम, 2015 में 22 एमएम, 2016 में करीब 24 एमएम, सर्वाधिक बारिश मार्च के महीने में 2017 में 67 एमएम के करीब रिकार्ड किया जा चुका है लेकिन अभी मार्च का पूरा महीना भी नहीं बीता और बारिश 94 मिमी तक हो चुकी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार की देर रात से रविवार तक के बीच बारिश का एक-दो दौर और जारी रह सकता है। जिसकी वजह से बारिश का यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
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उमेश कुमार, प्रभारी मौसम वैधशाला।
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मार्च के मौसम में सर्दी की विदाई हो जाती है। सर्दी का यदि अहसास भी होता है तो सुबह की गुलाबी ठंड के माफिक। लेकिन अबकी मार्च का आधा महीना गुजरने को है और स्वेटर और जैकेट तक इंसान उतार नहीं पा रहा है। मौसम वैधशाला के रिकार्ड पर बात करें तो पच्चीस सालों में इतनी बारिश आधे मार्च तक नहीं हुई। आंकड़े बताते हैं कि मौसम के बदले मिजाज और उलट-पुलट मौसम ने सबको हैरान-परेशान कर दिया है। किसान फसलों के नुकसान से परेशान हैं तो इंसान भी मौसम के इस मिजाज से बीमार हो रहे हैं। मौसम वैधशाला से मिले आंकड़ों के मुताबिक शनिवार तक 94 एमएम बारिश रिकार्ड किया गया है और यह मार्च के आधे महीने तक का पच्चीस सालों का रिकार्ड तोड़ चुका है। मौसम वैधशाला की ओर से यह संकेत अभी दिया गया है कि बारिश का एक-दो दिन का दौर कभी तेज और कभी रुक रुक कर चल सकता है।
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मार्च के आधे महीने तक दस साल में हुई बारिश के आंकड़े
साल वर्षा मिमी
2010 0.0
2011 6.0
2012 4.5
2013 3.0
2014 35
2015 22
2016 24
2017 68
2018 5.0
2019 3.0
2020 94
वर्ष 2014 में करीब 35 एमएम, 2015 में 22 एमएम, 2016 में करीब 24 एमएम, सर्वाधिक बारिश मार्च के महीने में 2017 में 67 एमएम के करीब रिकार्ड किया जा चुका है लेकिन अभी मार्च का पूरा महीना भी नहीं बीता और बारिश 94 मिमी तक हो चुकी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार की देर रात से रविवार तक के बीच बारिश का एक-दो दौर और जारी रह सकता है। जिसकी वजह से बारिश का यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
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उमेश कुमार, प्रभारी मौसम वैधशाला।