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कवि डॉ. मुकेश गौतम को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार
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कवि डॉ. मुकेश गौतम को मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार
सहारनपुर। मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले कवि डॉक्टर मुकेश गौतम को महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी काव्य पुस्तक प्रेम समर्थक हैं पेड़ के लिए दिया गया है। उनकी इस उपलब्धि से साहित्य प्रेमियों में खुशी है। डॉक्टर मुकेश ने इस पुरस्कार को सहारनपुर से मिली शिक्षा और संस्कारों का सम्मान बताया है।
डॉक्टर मुकेश गौतम एसआर इंटर कॉलेज गागलहेड़ी से पढ़े हैं। एमए की पढ़ाई मुंबई यूनिवर्सिटी और पीएचडी गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर से की। पढ़ने और लिखने का शौक उन्हें शुरू से ही रहा। यही वजह थी कि उन्होंने कुछ समय समाचार पत्र में भी काम किया। इसके बाद रेलवे में नौकरी मिल गई। मगर लेखन नहीं छोड़ा। वह वर्षों से मुंबई में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ लेखन और स्टैंडअप कॉमेडी भी करते हैं। टीवी शो लॉफ्टर चैलेंज समेत अनेक कार्यक्रमों में वह अपनी हास्य कविताओं का जलवा बिखेर चुके हैं। वर्तमान में देश भर में होने वाले कवि सम्मेलनों में उनको बुलाया जाता है। उनकी अभी तक आठ काव्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनका अनुवाद अंग्रेजी, मराठी और तमिल समेत अनेक भाषाओं में हुआ है। उनकी हालिया काव्य पुस्तक ‘प्रेम समर्थक हैं पेड़’ के लिए महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया है। पुस्तक में वृक्षों के महत्व को बताया गया है।
तीन मार्च को मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री विनोद तावड़े ने स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और नकद राशि देकर मुकेश गौतम को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्य मंत्री और फिल्म सिटी के अध्यक्ष अमरजीत मिश्रा, विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शुक्ला, राज्य हिंदी साहित्य अकादमी अध्यक्ष शीतला प्रसाद दुबे भी मौजूद रहे। कविता के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में मुकेश गौतम के साथ ही जाने-माने फिल्म गीतकार समीर को भी उनकी पुस्तक %किस्सा अपना अपना% के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।
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इससे पहले मिले यह पुरस्कार
डॉक्टर मुकेश को वर्ष 2013 में महाराष्ट्र सरकार के प्रतिष्ठित ‘संत नामदेव पुरस्कार’ तथा भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय मेदिनी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। हास्य कवि तथा स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में डॉ. मुकेश गौतम को देश-विदेश में पहचान मिली है और उन्होंने टेलीविजन के लोकप्रिय कार्यक्रम लाफ्टर चैलेंज, कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर नाइट, वाह-वाह क्या बात है, बहुत खूब जैसे अनेक कार्यक्रमों के द्वारा लोगों का मनोरंजन किया है। फिल्म ‘भावनाओ को समझो’ तथा कुछ विज्ञापनों में मुकेश गौतम ने अभिनय भी किया है।
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सहारनपुर। मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले कवि डॉक्टर मुकेश गौतम को महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी काव्य पुस्तक प्रेम समर्थक हैं पेड़ के लिए दिया गया है। उनकी इस उपलब्धि से साहित्य प्रेमियों में खुशी है। डॉक्टर मुकेश ने इस पुरस्कार को सहारनपुर से मिली शिक्षा और संस्कारों का सम्मान बताया है।
डॉक्टर मुकेश गौतम एसआर इंटर कॉलेज गागलहेड़ी से पढ़े हैं। एमए की पढ़ाई मुंबई यूनिवर्सिटी और पीएचडी गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर से की। पढ़ने और लिखने का शौक उन्हें शुरू से ही रहा। यही वजह थी कि उन्होंने कुछ समय समाचार पत्र में भी काम किया। इसके बाद रेलवे में नौकरी मिल गई। मगर लेखन नहीं छोड़ा। वह वर्षों से मुंबई में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ लेखन और स्टैंडअप कॉमेडी भी करते हैं। टीवी शो लॉफ्टर चैलेंज समेत अनेक कार्यक्रमों में वह अपनी हास्य कविताओं का जलवा बिखेर चुके हैं। वर्तमान में देश भर में होने वाले कवि सम्मेलनों में उनको बुलाया जाता है। उनकी अभी तक आठ काव्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनका अनुवाद अंग्रेजी, मराठी और तमिल समेत अनेक भाषाओं में हुआ है। उनकी हालिया काव्य पुस्तक ‘प्रेम समर्थक हैं पेड़’ के लिए महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया है। पुस्तक में वृक्षों के महत्व को बताया गया है।
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तीन मार्च को मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री विनोद तावड़े ने स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और नकद राशि देकर मुकेश गौतम को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्य मंत्री और फिल्म सिटी के अध्यक्ष अमरजीत मिश्रा, विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शुक्ला, राज्य हिंदी साहित्य अकादमी अध्यक्ष शीतला प्रसाद दुबे भी मौजूद रहे। कविता के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार में मुकेश गौतम के साथ ही जाने-माने फिल्म गीतकार समीर को भी उनकी पुस्तक %किस्सा अपना अपना% के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।
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इससे पहले मिले यह पुरस्कार
डॉक्टर मुकेश को वर्ष 2013 में महाराष्ट्र सरकार के प्रतिष्ठित ‘संत नामदेव पुरस्कार’ तथा भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय मेदिनी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। हास्य कवि तथा स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में डॉ. मुकेश गौतम को देश-विदेश में पहचान मिली है और उन्होंने टेलीविजन के लोकप्रिय कार्यक्रम लाफ्टर चैलेंज, कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर नाइट, वाह-वाह क्या बात है, बहुत खूब जैसे अनेक कार्यक्रमों के द्वारा लोगों का मनोरंजन किया है। फिल्म ‘भावनाओ को समझो’ तथा कुछ विज्ञापनों में मुकेश गौतम ने अभिनय भी किया है।