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खनन लदे वाहनों से एंट्री पर शुल्क वसूली से नाराजगी
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:44 PM IST
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सहारनपुर। खनन से लदे वाहनों से शहर में एंट्री करते ही शुल्क वसूले जाने से ट्रक स्वामियों में नाराजगी है। उन्होंने नगरायुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराने की बात कही है।
मो. शारिक के साथ नगर निगम में शिकायत लेकर पहुंचे ट्रक स्वामी हाजी नसीम, तौसीफ, रिजवान, शहजाद और विनोद ने नगर निगम के संपत्ति अधिकारी विनय कुमार शर्मा को बताया कि वह हरियाणा से खनन सामग्री लादकर सहारनपुर से होकर उत्तराखंड ले जाते हैं। खनन सामग्री वैध होती है, मगर शहर में एंट्री करते ही अंबाला रोड पर एक दर्जन से अधिक लोग, जिनके हाथों में डंडे होते हैं, जबरन ट्रकों से 500 रुपये प्रति ट्रक वसूली कर रहे हैं। दिन में करीब 500 ट्रकों से वसूली हो रही है। उन्होंने बताया कि वह रसीद भी देते हैं, जिसपर नगर निगम सहारनपुर लिखा है। उसी के ठीक नीचे लिखा है रेत, बजरी, खनिज सामग्री पार्किंग शुल्क रसीद। शारिक का कहना है कि नगर निगम का ठेकेदार या उसके आदमी पार्किंग करने पर शुल्क वसूल सकते हैं, मगर शहर से होकर गुजरने वाले ट्रकों से शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुल्क देने में आनाकानी करने वालों के साथ बदसलूकी की जाती है। चूंकि वसूली करने वाले करीब एक दर्जन लोग हैं ऐसे में ट्रक चालक शुल्क देने को मजबूर हैं। उन्होंने संपत्ति अधिकारी के माध्यम से नगरायुक्त को ज्ञापन भेजकर समस्या का समाधान कराने की मांग है। उधर, ठेकेदार अक्षय कुमार का कहना है कि शहर में वाहन पार्क कर वसूली करने से जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में शहर के बाहर एंट्री पर ही रसीद काटी जा रही है। उनका कहना है कि वह ठेके की शर्तों के अनुरूप ही वसूली कर रहे हैं।
ठेका पार्किंग करने पर शुल्क वसूलने के लिए दिया गया है। यदि खनन से लदे वाहनों से एंट्री करने पर शुल्क वसूला जा रहा है, वह भी तब जबकि वाहन को सहारनपुर में रुका ही नहीं है तो यह गलत है। यदि इसकी लिखित में शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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मो. शारिक के साथ नगर निगम में शिकायत लेकर पहुंचे ट्रक स्वामी हाजी नसीम, तौसीफ, रिजवान, शहजाद और विनोद ने नगर निगम के संपत्ति अधिकारी विनय कुमार शर्मा को बताया कि वह हरियाणा से खनन सामग्री लादकर सहारनपुर से होकर उत्तराखंड ले जाते हैं। खनन सामग्री वैध होती है, मगर शहर में एंट्री करते ही अंबाला रोड पर एक दर्जन से अधिक लोग, जिनके हाथों में डंडे होते हैं, जबरन ट्रकों से 500 रुपये प्रति ट्रक वसूली कर रहे हैं। दिन में करीब 500 ट्रकों से वसूली हो रही है। उन्होंने बताया कि वह रसीद भी देते हैं, जिसपर नगर निगम सहारनपुर लिखा है। उसी के ठीक नीचे लिखा है रेत, बजरी, खनिज सामग्री पार्किंग शुल्क रसीद। शारिक का कहना है कि नगर निगम का ठेकेदार या उसके आदमी पार्किंग करने पर शुल्क वसूल सकते हैं, मगर शहर से होकर गुजरने वाले ट्रकों से शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुल्क देने में आनाकानी करने वालों के साथ बदसलूकी की जाती है। चूंकि वसूली करने वाले करीब एक दर्जन लोग हैं ऐसे में ट्रक चालक शुल्क देने को मजबूर हैं। उन्होंने संपत्ति अधिकारी के माध्यम से नगरायुक्त को ज्ञापन भेजकर समस्या का समाधान कराने की मांग है। उधर, ठेकेदार अक्षय कुमार का कहना है कि शहर में वाहन पार्क कर वसूली करने से जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में शहर के बाहर एंट्री पर ही रसीद काटी जा रही है। उनका कहना है कि वह ठेके की शर्तों के अनुरूप ही वसूली कर रहे हैं।
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ठेका पार्किंग करने पर शुल्क वसूलने के लिए दिया गया है। यदि खनन से लदे वाहनों से एंट्री करने पर शुल्क वसूला जा रहा है, वह भी तब जबकि वाहन को सहारनपुर में रुका ही नहीं है तो यह गलत है। यदि इसकी लिखित में शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।