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मोहर्रम का चांद दिखा, मजसिलों का सिलसिला शुरू
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:26 AM IST
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मोहर्रम का चांद दिखा, मजलिसों का सिलसिला शुरू
सहारनपुर (सहारनपुर)। मोहर्रम का चांद दिखने पर इमाम बारगाहों में मोहर्रम के कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई। बुधवार से मातमी जुलूस निकालकर मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा।
अधिवक्ता मंजर हुसैन काजमी ने बताया कि मोहर्रम का चांद दिख गया है। मजलिस से पहले मरसिए पढ़ी गई। इस दौरान खुवाजा हसन मोहम्मद, आसिफ अलवी, इफ्तेखार रिजवी शामिल रहे। खिताब करते हुए मुरादाबाद से आए मौलाना मोहम्मद जैदी ने कहा कि जब ईद का चांद नजर आता है तो हम खुशियां मनाते हैं, लेकिन जब मोहर्रम का चांद नजर आता है तो दर्द ए गम का अहसास होता है। करबला का मंजर हमारे सामने आ जाता है। हुजूरे अकरम मोहम्मद साहब के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन आलैहिस्लाम की कुर्बानी को कयामत तक इंसानियत नहीं भुला पाएगी।
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सहारनपुर (सहारनपुर)। मोहर्रम का चांद दिखने पर इमाम बारगाहों में मोहर्रम के कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई। बुधवार से मातमी जुलूस निकालकर मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा।
अधिवक्ता मंजर हुसैन काजमी ने बताया कि मोहर्रम का चांद दिख गया है। मजलिस से पहले मरसिए पढ़ी गई। इस दौरान खुवाजा हसन मोहम्मद, आसिफ अलवी, इफ्तेखार रिजवी शामिल रहे। खिताब करते हुए मुरादाबाद से आए मौलाना मोहम्मद जैदी ने कहा कि जब ईद का चांद नजर आता है तो हम खुशियां मनाते हैं, लेकिन जब मोहर्रम का चांद नजर आता है तो दर्द ए गम का अहसास होता है। करबला का मंजर हमारे सामने आ जाता है। हुजूरे अकरम मोहम्मद साहब के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन आलैहिस्लाम की कुर्बानी को कयामत तक इंसानियत नहीं भुला पाएगी।
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