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उलमा के हाथों हुआ पुस्तक इंग्लिश बराए तलबा मदारिस का विमोचन
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:21 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना राशिद अली कासमी द्वारा लिखित पुस्तक इंग्लिश बराए तलबा मदारिस का उलमा का हाथों विमोचन हुआ। इस दौरान इंग्लिश एकेडमी फोर मदरसा स्टूडेंट में नए शिक्षा सत्र का आगाज भी किया गया।
मंगलवार को ईदगाह मार्ग स्थित इंग्लिश एकेडमी में आयोजित हुए कार्यक्रम में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद अल्लामा कमर उस्मानी ने कहा कि अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना बेहद जरुरी है। इसलिए मदरसा छात्र इस्लामी तालीम हासिल करने के साथ साथ अंग्रेजी भाषा की शिक्षा भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि जिस जमाने में फारसी जुबान पूरी दुनिया में राज कर रही थी उस समय हमारे उलमा ने फारसी को इतना पढ़ा और पढ़ा कि दुनिया यह मानने पर मजबूर हो गई कि फारसी मुसलमानों की जुबान है। जबकि असल में फारसी मजूसियों की जुबान थी। मौलाना खुर्शीद हसन कासमी ने कहा कि मदरसा छात्र इस्लामी पहचान को बरकरार रखते हुए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी हासिल करें। तंजीम अब्ना-ए-दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती याद इलाही कासमी ने कहा कि अरबी के मुकाबले अंग्रेजी बेहद आसान जुबान है। जो मदरसा छात्र अरबी जुबान में महारत रखते हैं वह अंग्रेजी भाषा को बेहद आसानी से सीख लेंगे। इस मौके पर एकेडमी के डायरेक्टर यूनुस हाशमी, हैदर अली, मौलाना हस्सान गानिम कासमी, मास्टर खुर्शीद, मुफ्ती साजिद गुजराती, मुफ्ती अहमद, अल्लामा तारिक कासमी आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को ईदगाह मार्ग स्थित इंग्लिश एकेडमी में आयोजित हुए कार्यक्रम में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद अल्लामा कमर उस्मानी ने कहा कि अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना बेहद जरुरी है। इसलिए मदरसा छात्र इस्लामी तालीम हासिल करने के साथ साथ अंग्रेजी भाषा की शिक्षा भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि जिस जमाने में फारसी जुबान पूरी दुनिया में राज कर रही थी उस समय हमारे उलमा ने फारसी को इतना पढ़ा और पढ़ा कि दुनिया यह मानने पर मजबूर हो गई कि फारसी मुसलमानों की जुबान है। जबकि असल में फारसी मजूसियों की जुबान थी। मौलाना खुर्शीद हसन कासमी ने कहा कि मदरसा छात्र इस्लामी पहचान को बरकरार रखते हुए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी हासिल करें। तंजीम अब्ना-ए-दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती याद इलाही कासमी ने कहा कि अरबी के मुकाबले अंग्रेजी बेहद आसान जुबान है। जो मदरसा छात्र अरबी जुबान में महारत रखते हैं वह अंग्रेजी भाषा को बेहद आसानी से सीख लेंगे। इस मौके पर एकेडमी के डायरेक्टर यूनुस हाशमी, हैदर अली, मौलाना हस्सान गानिम कासमी, मास्टर खुर्शीद, मुफ्ती साजिद गुजराती, मुफ्ती अहमद, अल्लामा तारिक कासमी आदि मौजूद रहे।
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