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‘मेरी मां को मेरी हर लम्हा खबर रहती है...’
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:52 AM IST
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‘मेरी मां को मेरी हर लम्हा खबर रहती है...’
बेहट। उर्दू अदब संस्था बज्मे निदाए उर्दू की ओर से एसएस मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल में एक शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
नशिस्त का आगाज नात-ए-पाक से किया गया। मोहम्मद वासिल ने पढ़ा-कुछ ऐसे पस्ताकद भी हमने देखे है जमाने में, उठाकर ऐड़ियां खुद को जो कद्दावर समझते हैं। जफर शाह ने पढ़ा-छिन गई आपकी दस्तार तो क्या-क्या होगा, हुक्मरां हो गए अगयार तो क्या क्या होगा। साबिर ने पढ़ा-शादियां बेटों की करके ये कहानी हो गई, मां जो घर की रानी थी अब नौकरानी हो गई। फय्याज अहमद फय्याज ने पढ़ा-शब को सोती भी नहीं देखती रहती है मुझे, मेरी मां को मेरी हर लम्हा खबर रहती है। शादाब नियाजी ने पढ़ा-मुद्दत के बाद आए हैं वो सामने मेरे, दिल खुश तो हो गया है मगर आंख भर आई। इसके अलावा अन्य शायरों ने भी बेहरीतन शायरी पेश कर सभी तालियां बटोरी। नशिस्त में मियां पीरू, पीरजी जमील अहमद, महमूद खान, राव जहीर, मोहम्मद अहमद काजमी, शौकत अली, मुख्तार, मुन्ना, खालिद मनिहार, मोहम्मद अफजल, गुफरान कुरैशी, शादाब, नौशाद राही, फैसल कुरैशी, मोहम्मद शारिक आदि की मौजूदगी रही।
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बेहट। उर्दू अदब संस्था बज्मे निदाए उर्दू की ओर से एसएस मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल में एक शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
नशिस्त का आगाज नात-ए-पाक से किया गया। मोहम्मद वासिल ने पढ़ा-कुछ ऐसे पस्ताकद भी हमने देखे है जमाने में, उठाकर ऐड़ियां खुद को जो कद्दावर समझते हैं। जफर शाह ने पढ़ा-छिन गई आपकी दस्तार तो क्या-क्या होगा, हुक्मरां हो गए अगयार तो क्या क्या होगा। साबिर ने पढ़ा-शादियां बेटों की करके ये कहानी हो गई, मां जो घर की रानी थी अब नौकरानी हो गई। फय्याज अहमद फय्याज ने पढ़ा-शब को सोती भी नहीं देखती रहती है मुझे, मेरी मां को मेरी हर लम्हा खबर रहती है। शादाब नियाजी ने पढ़ा-मुद्दत के बाद आए हैं वो सामने मेरे, दिल खुश तो हो गया है मगर आंख भर आई। इसके अलावा अन्य शायरों ने भी बेहरीतन शायरी पेश कर सभी तालियां बटोरी। नशिस्त में मियां पीरू, पीरजी जमील अहमद, महमूद खान, राव जहीर, मोहम्मद अहमद काजमी, शौकत अली, मुख्तार, मुन्ना, खालिद मनिहार, मोहम्मद अफजल, गुफरान कुरैशी, शादाब, नौशाद राही, फैसल कुरैशी, मोहम्मद शारिक आदि की मौजूदगी रही।
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