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निगम की नई नीति से खतरे में नौकरी, विरोध में हंगामा
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:12 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम की नई ठेका नीति का सफाई कर्मचारियों ने विरोध कर सोमवार को नगर निगम में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि एक भी कर्मचारी को बाहर निकाला गया तो वाल्मीकि समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
सोमवार को नगर निगम में वाल्मीकि दलित विकास समिति की आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष भारत राज ने कहा कि करीब 230 सफाई कर्मचारी सीएलसी व्यवस्था के तहत ठेके पर काम करते आ रहे हैं। उनका वेतन उनके बैंक खाते में पहुंचता है। आरोप है कि अब नगर निगम ने सफाई के गोल ठेके कर दिए हैं। यानी नगर निगम ठेकेदार को एक निर्धारित रकम सफाई के लिए देगा। जिसमें ठेकेदार पर निर्भर है कि वह दस सफाई कर्मचारियों से काम ले या 200 कर्मचारियों से। क्योंकि ठेकेदार का काम अधिक से अधिक मुनाफा कमाना है। ऐसे में निश्चित ही वह कर्मचारियों की संख्या घटाकर उनसे काम लेगा। जिससे एक ओर जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बाहर होने की आशंका बन गई है। वहीं लगाए गए कम कर्मचारियों पर कार्य भार बढ़ेगा। समिति ऐसी व्यवस्था को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। जिला महासचिव राहुल बोहत ने कहा कि उनकी मांग कर्मचारियों की पूर्व की तरह काम पर रखने की है। किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाना चाहिए। साथ ही उनका वेतन भी पूर्व की तरह खाते में ही पहुंचना चाहिए। उन्होंने पिछले वर्ष वेतन से काटे गए पैसे का भुगतान कराने की मांग भी रखी। सभा के बाद नगरायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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सोमवार को नगर निगम में वाल्मीकि दलित विकास समिति की आयोजित सभा में जिलाध्यक्ष भारत राज ने कहा कि करीब 230 सफाई कर्मचारी सीएलसी व्यवस्था के तहत ठेके पर काम करते आ रहे हैं। उनका वेतन उनके बैंक खाते में पहुंचता है। आरोप है कि अब नगर निगम ने सफाई के गोल ठेके कर दिए हैं। यानी नगर निगम ठेकेदार को एक निर्धारित रकम सफाई के लिए देगा। जिसमें ठेकेदार पर निर्भर है कि वह दस सफाई कर्मचारियों से काम ले या 200 कर्मचारियों से। क्योंकि ठेकेदार का काम अधिक से अधिक मुनाफा कमाना है। ऐसे में निश्चित ही वह कर्मचारियों की संख्या घटाकर उनसे काम लेगा। जिससे एक ओर जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बाहर होने की आशंका बन गई है। वहीं लगाए गए कम कर्मचारियों पर कार्य भार बढ़ेगा। समिति ऐसी व्यवस्था को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। जिला महासचिव राहुल बोहत ने कहा कि उनकी मांग कर्मचारियों की पूर्व की तरह काम पर रखने की है। किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाना चाहिए। साथ ही उनका वेतन भी पूर्व की तरह खाते में ही पहुंचना चाहिए। उन्होंने पिछले वर्ष वेतन से काटे गए पैसे का भुगतान कराने की मांग भी रखी। सभा के बाद नगरायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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