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मावे के नमूने फेल होने पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
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सहारनपुर। मावे के नमूने फेल पर होने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने मुजफ्फरनगर के मावा व्यापारी पर पांच लाख रुपये का जुुर्माना लगाया है। लाइसेंस ना बनवाने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस व्यापारी के मावे के नमूने लिए थे।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) एसके दुबे ने बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर के गांव पिन्ना निवासी नवीन मित्तल मावा व्यापारी है। वह सहारनपुर में मावा सप्लाई करता था। एक सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने वर्ष 2015 और 2016 में नवीन मित्तल के मावे के पांच नमूने लिए थे, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। यह मावा मेरठ के भैंसाली डिपो की बस में रखकर भेजा गया था। चालक के बयान से नवीन मित्तल का नाम सामने आया था। जांच में सभी नमूने फेल हुए हो गए। इस मामले की सुनवाई उनकी कोर्ट में हुई थी। सुनवाई के बाद व्यापारी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही व्यापार करने के लिए लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देश दिए हैं। एडीएम (ई) ने बताया कि अगर व्यापारी लाइसेंस नहीं बनवाता और दोबारा मावा सप्लाई करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) एसके दुबे ने बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर के गांव पिन्ना निवासी नवीन मित्तल मावा व्यापारी है। वह सहारनपुर में मावा सप्लाई करता था। एक सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने वर्ष 2015 और 2016 में नवीन मित्तल के मावे के पांच नमूने लिए थे, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। यह मावा मेरठ के भैंसाली डिपो की बस में रखकर भेजा गया था। चालक के बयान से नवीन मित्तल का नाम सामने आया था। जांच में सभी नमूने फेल हुए हो गए। इस मामले की सुनवाई उनकी कोर्ट में हुई थी। सुनवाई के बाद व्यापारी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही व्यापार करने के लिए लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देश दिए हैं। एडीएम (ई) ने बताया कि अगर व्यापारी लाइसेंस नहीं बनवाता और दोबारा मावा सप्लाई करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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