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स्टोन क्रशर स्वामियों ने की भंडारण लाइसेंस दिलाने की मांग
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:24 AM IST
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सहारनपुर। स्टोन क्रशरों को भंडारण लाइसेंस और एनजीटी से सहमति दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर स्टोन क्रशर ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन भेजा। उन्होंने पुराने खनन पट्टों से अलग नए पट्टों का चयन कर दोबारा ई टैडरिंग प्रक्रिया पूरी कराने आदि की मांग भी की।
मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में एसोसिएशन के महासचिव नौशाद अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के चलते जिले के स्टोन क्रशर फरवरी 2016 से बंद पडे़ हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ठीक से पैरवी नहीं किए जाने से सर्वोच्च न्यायालय ने ई टैडरिंग की प्रक्रिया को स्टे कर दिया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने केवल संभावना के आधार पर स्टोन क्रशर स्वामियों को फंसाने का काम किया है। हालांकि हाईकोर्ट से स्टोन क्रशर स्वामियों को इस मामले में राहत मिल चुकी है। सीएम को भेजे ज्ञापन में उन्होंने एनजीटी में नौ अप्रैल को लगी तारीख पर जोरदार पैरवी करने, वन क्षेत्रों से खनिज चुगान की अनुमति दिलाने, स्टोन क्रशर वाले क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर विद्युतीकरण करने सहित अन्य मांग की। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ स्टोन क्रशर इंडस्ट्री को जीवनदान मिलेगा बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
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मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में एसोसिएशन के महासचिव नौशाद अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के चलते जिले के स्टोन क्रशर फरवरी 2016 से बंद पडे़ हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ठीक से पैरवी नहीं किए जाने से सर्वोच्च न्यायालय ने ई टैडरिंग की प्रक्रिया को स्टे कर दिया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने केवल संभावना के आधार पर स्टोन क्रशर स्वामियों को फंसाने का काम किया है। हालांकि हाईकोर्ट से स्टोन क्रशर स्वामियों को इस मामले में राहत मिल चुकी है। सीएम को भेजे ज्ञापन में उन्होंने एनजीटी में नौ अप्रैल को लगी तारीख पर जोरदार पैरवी करने, वन क्षेत्रों से खनिज चुगान की अनुमति दिलाने, स्टोन क्रशर वाले क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर विद्युतीकरण करने सहित अन्य मांग की। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ स्टोन क्रशर इंडस्ट्री को जीवनदान मिलेगा बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
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