{"_id":"5942dd644f1c1bb8438b46da","slug":"91497554276-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकृति की रक्षा के लिए नदियों का उद्धार जरुरी- जल पुरुष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकृति की रक्षा के लिए नदियों का उद्धार जरुरी- जल पुरुष
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रकृति की रक्षा के लिए नदियों का उद्धार जरूरी : जल पुरुष
सहारनपुर। नदियों और तालाबों के उद्धार के बिना प्रकृति की रक्षा बेमानी है। नदियां नाला बनती जा रही हैं और धरती प्रदूषित हो रही है। अगर समय रहते हम नहीं चेते तो बुरे दिन के लिए तैयार रहना होगा। पिछले कुछ सालों से देश में अच्छा समय नहीं है। खेती के लिए पानी नहीं है। खासकर अब उत्तर प्रदेश में धरती को बुखार चढ़ने लगा है और मौसम का मिजाज बदल रहा है। इन सब हालात पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने पांवधोई को पुनर्जीवित करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात बात की जाएगी।
बृहस्पतिवार को पैरामाउंट ट्यूलिप स्थित रणदीप पुंडीर के आवास पर पत्रकार वार्ता में जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि पश्चिमी यूपी की नदियों के प्रदूषण से बीमारियां फैल रही है। पांवधोई और हिंडन नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। हम प्रयास करेंगे इन नदियों को उनका अस्तित्व लौटाया जाए। उन्होंने कहा कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलों के लिए किसानों को अधिक दाम देकर प्रोत्साहित किया जाए। ताकि भूजल का दोहन कम हो सके। उन्होंने कहा यदि इस पर शीघ्र ही ध्यान नहीं दिया गया तो यूपी में भी महाराष्ट्र के लातूर जैसे हालात हो सकते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह सहारनपुर की पांवधोई नदी को पुनजीर्वित करने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी यूपी में तालाबों और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की आवश्यकता बताई। वार्ता के दौरान रणदीप सिंह पुंडीर, महंत रूपेन्द्र प्रकाश, डा. मेजर हिमांशु सहित कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
सहारनपुर। नदियों और तालाबों के उद्धार के बिना प्रकृति की रक्षा बेमानी है। नदियां नाला बनती जा रही हैं और धरती प्रदूषित हो रही है। अगर समय रहते हम नहीं चेते तो बुरे दिन के लिए तैयार रहना होगा। पिछले कुछ सालों से देश में अच्छा समय नहीं है। खेती के लिए पानी नहीं है। खासकर अब उत्तर प्रदेश में धरती को बुखार चढ़ने लगा है और मौसम का मिजाज बदल रहा है। इन सब हालात पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने पांवधोई को पुनर्जीवित करने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात बात की जाएगी।
बृहस्पतिवार को पैरामाउंट ट्यूलिप स्थित रणदीप पुंडीर के आवास पर पत्रकार वार्ता में जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि पश्चिमी यूपी की नदियों के प्रदूषण से बीमारियां फैल रही है। पांवधोई और हिंडन नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। हम प्रयास करेंगे इन नदियों को उनका अस्तित्व लौटाया जाए। उन्होंने कहा कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलों के लिए किसानों को अधिक दाम देकर प्रोत्साहित किया जाए। ताकि भूजल का दोहन कम हो सके। उन्होंने कहा यदि इस पर शीघ्र ही ध्यान नहीं दिया गया तो यूपी में भी महाराष्ट्र के लातूर जैसे हालात हो सकते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह सहारनपुर की पांवधोई नदी को पुनजीर्वित करने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी यूपी में तालाबों और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की आवश्यकता बताई। वार्ता के दौरान रणदीप सिंह पुंडीर, महंत रूपेन्द्र प्रकाश, डा. मेजर हिमांशु सहित कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन