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सम्मान निधि से वंचित रह सकते हैं जनपद के 85646 किसान
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सहारनपुर। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले जनपद के 85646 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 12वीं किश्त से वंचित रह सकते हैं। जनपद के आधार से जुडे़ 298855 किसानों में से 213209 ने ही 31 जुलाई तक ई-केवाईसी कराई है।
किसानों की सहायता करने के उद्देश्य से भारत सरकार किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक उनके बैंक खाते में भेजती है। सरकार ने सम्मान निधि पाने के लिए पात्रता के मानक तय किए हैं। सरकार की तमाम निगरानी के बावजूद कुछ अपात्र किसानों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें आयकर दाता से लेकर मृतक तक शामिल हैं। जनपद के 20989 अपात्र किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें 4584 किसान आयकर दाता, 905 मृतक, 8934 गलत खाते में भुगतान, 3508 अन्य कारणों से अपात्र और 3058 इनवेलिड आधार वाले अपात्र किसान शामिल हैं। कृषि विभाग अपात्रों को दी गई सम्मान निधि को वसूल करने में जुटा है। अब तक 498 किसानों से सम्मान निधि की राशि की वसूली हो चुकी है। पात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिले इसके लिए कृषि विभाग किसानों से ई-केवाईसी करा रहा है। 31 जुलाई को ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि थी। इस समय तक भी जनपद के 85646 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।
ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान सम्मान निधि की 12वीं किश्त से वंचित रह सकते हैं। सरकार कई बार इसके लिए अंतिम तिथि को बढ़ा चुकी है। जनपद में 71 प्रतिशत किसान ई-केवाईसी करा करा चुके हैं। जबकि 85646 किसान अभी भी अवशेष हैं। हालांकि पोर्टल अभी भी चल रहा है। किसान ई-केवाईसी कराने के लिए प्रयास कर सकते हैं। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि
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किसानों की सहायता करने के उद्देश्य से भारत सरकार किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक उनके बैंक खाते में भेजती है। सरकार ने सम्मान निधि पाने के लिए पात्रता के मानक तय किए हैं। सरकार की तमाम निगरानी के बावजूद कुछ अपात्र किसानों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें आयकर दाता से लेकर मृतक तक शामिल हैं। जनपद के 20989 अपात्र किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें 4584 किसान आयकर दाता, 905 मृतक, 8934 गलत खाते में भुगतान, 3508 अन्य कारणों से अपात्र और 3058 इनवेलिड आधार वाले अपात्र किसान शामिल हैं। कृषि विभाग अपात्रों को दी गई सम्मान निधि को वसूल करने में जुटा है। अब तक 498 किसानों से सम्मान निधि की राशि की वसूली हो चुकी है। पात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिले इसके लिए कृषि विभाग किसानों से ई-केवाईसी करा रहा है। 31 जुलाई को ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि थी। इस समय तक भी जनपद के 85646 किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।
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ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसान सम्मान निधि की 12वीं किश्त से वंचित रह सकते हैं। सरकार कई बार इसके लिए अंतिम तिथि को बढ़ा चुकी है। जनपद में 71 प्रतिशत किसान ई-केवाईसी करा करा चुके हैं। जबकि 85646 किसान अभी भी अवशेष हैं। हालांकि पोर्टल अभी भी चल रहा है। किसान ई-केवाईसी कराने के लिए प्रयास कर सकते हैं। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि
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